घोसी:पुलिस प्रताड़ना से कस्टडी में हुई मौत पर लोग हुए उग्र,चलाया पत्थर पुलिस समेत पत्रकार भी हुए घायल

मुजफ्फरूल इस्लाम,घोसी (मऊ) । पुलिस की संवेदनहीनता कहें या पुलिस की प्रताड़ना, लेकिन 8/9 सितम्बर की दरम्यानी रात घोसी कोतवाली के पुलिस लाकअप में हुई युवक की मौत पुलिस की भूमिका को संदिग्ध बना रही है।

मिली जानकारी के अनुसार विगत शनिवार को घोसी क्षेत्राधिकारी श्वेता आशुतोष ओझा बैट्री चोरी के आरोप में ओकेश ऊर्फ़ पप्पू यादव पुत्र रामधारी यादव निवासी तिलई व योगेश राजभर निवासी मानिकपुर जमीन हाजीपुर को कोतवाली घोसी लाईं। वहां ओकेश के साथ पुलिस की प्रताड़ना हुई या पुलिस की संवेदनहीनता। उसकी 8/9 सितम्बर की रात मौत हो गई। पुलिस ने चोरी छिपे मृतक का शव जनपद स्थित पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया और बाद में परिजनों को इसकी सूचना दी।गांव में ख़बर मिलते ही पूरे क्षेत्र में ये ख़बर जंगल मे आग की तरह फैल गई और लोगों का पुलिस के विरुद्ध आक्रोश फूटने लगा। जनचर्चा के अनुसार सीओ घोसी के पद पर श्वेता आशुतोष ओझा के पदासीन होने के बाद सर्किल में अपराधों की फेहरिस्त लम्बी होती चली गई। और अब पुलिस लाकअप में युवक की मौत ने उन पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

(मिल्लत टाइम्स के पत्रकार मुजफ्फरूल इस्लाम भी हु घायल)

आक्रोशित ग्रामीणों ने पीढ़वल मोड़ पर जाम लगाकर घोसी सीओ व घोसी कोतवाल का पुतला फूंका। इस दौरान पीएसी के साथ कई थानों की फोर्स मौके पर मौजूद रही। घण्टों लगे इस भीषण जाम से गोरखपुर वाराणसी राजमार्ग पूरी तरह बाधित रहा। आक्रोशित ग्रामवासियों को अपर पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार श्रीवास्तव व सीओ सदर राजकुमार ने बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी जगह से टस मस नहीं हुए। प्रदर्शनकारी क्षेत्राधिकारी घोसी श्वेता आशुतोष ओझा को निलंबित करने व मुकदमा दर्ज एवं परिवारजनों को मुआवजा की मांग पर अड़े रहे। उधर मृतक के परिजन मृतक अप्पू का पोस्टमार्टम कराने के लिये पोस्टमार्टम हाउस मौजूद हैं।

सोमवार की शाम लगभग 5 बजे जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी व पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य मौके पर पहुँचकर प्रदर्शनकारियो की मांग व परिवार जनो से मिलकर उनकी मांगों को यथासंभव पूरा करने का आश्वासन दिया।प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सीओ व कोतवाल को निलंबित किया जाय, 25 लाख रुपया मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व योगेश राजभर को तुरन्त रिहा किया जाए। प्रशासन तुरन्त योगेश राजभर को मौके पर उपस्थित कर अन्य मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया तब कहीं जाकर शाम 6 बजे जाम समाप्त हुआ।

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is a young journalist & editor at Millat Times''Journalism is a mission & passion.Amazed to see how Journalism can empower,change & serve humanity