मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले मणिपुर में नगा पीपल्स फ्रंट (एनपीएफ) ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार से अपना समर्थन वापस लेने का ऐलान किया है। बता दें कि 60 सीटों वाले मणिपुर में एनपीएफ के चार विधायक हैं और बीजेपी के एन बीरेन सिंह राज्य के मुख्यमंत्री हैं। गौरतलब है कि 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी लेकिन अन्य पार्टियों के समर्थन से बीजेपी ने सरकार बना ली थी।
-बता दें कि मणिपुर में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने यहां 21 सीटें जीती थीं, लेकिन बाद में कांग्रेस के 8 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे। इस तरह बीजेपी का संख्याबल 29 हो गया था।
एनपीएफ ने आरोप लगाया है कि बीजेपी अपने सहयोगियों को तुच्छ समझती है।
-मणिपुर एनपीएफ के अध्यक्ष अवांगवोउ नेवई ने कहा कि बीजेपी राज्य में सत्ता में साझीदार दलों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही थी। उन्होंने कहा कि सरकार गठन के बाद से ही बीजेपी ने कभी भी गठबंधन की मूल भावना का सम्मान नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार गठन के वक्त बीजेपी ने जो वादे किए थे उसने अबतक पूरे नहीं किए। बीजेपी ने एनपीएफ के इन आरोपों को निराधार करार दिया है।
-हाल ही में एनपीएफ और बीजेपी के बीच जारी गतिरोध के बारे में मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने कहा था, ‘सरकार बनाते समय एनपीएफ और बीजेपी के बीच समझौता हुआ था। कुछ अपरिहार्य कारणों के चलते उनकी मांगें पूरी नहीं की जा सकी हैं। लोकसभा चुनाव के बाद उनकी मांगों पर ध्यान दिया जाएगा। फिलहाल मैं मणिपुर की सरकार के बारे में कुछ नहीं सकता हूं।