इन मुस्लिम जांबाज सिपाहियों को मिला शौर्य चक्र…

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नई दिल्ली: (रुखसार अहमद) राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह- II में कई शूरवीर जवानों को सम्मानित किया है। जिसमें कई मुस्लिम जवानों के नाम भी शामिल है। जिन्होंने अपनी वीरता से देश की रक्षा की और अपनी जान गंवा दी।

राष्ट्रपति भवन में उस समय पूरा माहौल पूरी तरह संजीदा हो गया, जब अपने शहीद पुत्र एसपीओ बिलाल अहमद माग्रे का नाम पुकारे जाने पर उनकी मां रो पड़ीं। बारामूला में आतंकियों से लोहा लेते समय शहीद होने वाले बिलाल अहमद माग्रे को शौर्य चक्र से नवाजा गया।

शांति के समय दिया जाने वाला यह तीसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है। बेटे बिलाल के त्याग और बलिदान के बारे में बताया जा रहा था, तब उनकी मां सारा बेगम फफक कर रो पड़ी। बड़ी मुश्किल से वे अपने आंसुओं को रोक सकीं।

वहीं सीआरपीएफ के जांबाज सिपाही ज़ाकिर हुसैन को भी शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। जाकिर हुसैन सीआरपीएफ की उस टीम का हिस्सा थे, जिसने सितंबर 2018 में एक मकान के पीछे छिपे आतंकवादियों को मार गिराया था। गोली लगने के बावजूद हुसैन तब तक एनकाउंटर स्थल पर डटे रहे जब तक कि तीनों आतंकवादी ढेर नहीं हो गए।

पुलिस के सब इंस्पेक्टर इमरान हुसैन टाक को 2017 में श्रीनगर में गोली लगने से घायल होने के बावजूद एक टॉप आतंकवादी कमांडर को मारने और एक अन्य को गिरफ़्तार करने के लिए मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया। राष्ट्रपति ने उनकी पत्नी गुलनाज अख्तर को पुरस्कार दिया।

जम्मू-कश्मीर के एसपीओ (SPO) आशिक हुसैन मलिक को 2018 में अनंतनाग में एक ऑपरेशन के दौरान भारी हथियारों से लैस चार आतंकवादियों को मारने के लिए मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शहीद आशिक हुसैन मलिक के माता-पिता मकबूल मलिक और शहजादो बानो को दिल्ली में ये पुरस्कार दिया।

हैड कांस्टेबल अब्दुल रशीद ने जिस तरह से अपनी बहादुरी का परिचय दिया, उसे देखते हुए उन्हें शौर्य चक्र प्रदान किया गया। शहीद अब्दुल रशीद कलास की पत्नी ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द से शौर्य चक्र प्राप्त किया। उनकी पत्नी निलोफर बशीर और माता महबूबा ख़ान ने राष्ट्रपति से पुरस्कार ग्रहण किया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रक्षा अलंकरण समारोह में गुलाम मुस्तफा बार्रा और नासिर अहमद कोली को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया

इतने मुस्लिमों को शौर्य चक्र मिलना यह देश के लिए बेहद गर्व की बाद है। क्योंकि हमेशा मुसलमान देश की आजादी और रक्षा के लिए अपनी जान देता आया है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अरशद खान, निरीक्षक, जम्मू-कश्मीर पुलिस (मरणोपरांत) को शौर्य चक्र प्रदान दिया। उन्होंने कर्तव्य के आह्वान के प्रति अनुकरणीय बहादुरी और असाधारण प्रतिबद्धता का परिचय दिया था।

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