नई दिल्ली. अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को आड़े हाथों ले रहा है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने सोमवार को दिल्ली में कहा कि राज्य के ज्यादातर गेस्ट हाउस जेल में तब्दील हो गए हैं। इनमें राजनेताओं को कैद करके रखा गया है। वहीं, भाजपा महासचिव राम माधव ने औरंगाबाद में कहा कि अनुच्छेद 370 हटाने के दौरान दो से ढाई हजार लोगों को सुरक्षा कारणों के चलते हिरासत में लिया गया था। अब केवल 200-250 लोग ही हिरासत में हैं।
आजाद ने यह भी कहा कि, ‘‘जो लोग मुझसे मिलने आते हैं, उनके साथ बातचीत को रिकॉर्ड किया जा रहा है। अगर आप (मीडिया) यह सब जानते हैं तो फिर सच बोलने की हिम्मत कौन दिखाएगा? अनुच्छेद 370 हटाने के दौरान लगाए गए प्रतिबंधों के चलते जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर बेहद खराब दौर से गुजर रही है। सबसे ज्यादा असर छोटे दुकानदारों और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा है। मजदूरों के पास तो खाने तक को नहीं हैं। हमें जितना अंदाजा था, हालात उससे कहीं ज्यादा बदतर हैं। बारामूला में मुझे मजदूरों से मिलने से रोक दिया गया।’’
‘कई नेता 5 स्टार गेस्ट हाउस में हिरासत में’
राम माधव ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर में आज केवल 200 से 250 लोग ही सुरक्षात्मक कारणों से हिरासत में हैं। कई नेता 5 स्टार गेस्ट हाउस तो कुछ 5 स्टार होटलों में हैं।’’
‘सरकार सच्चाई नहीं बता रही’
हैदराबाद में सोमवार को ऑल इंडिया मुत्ताहिदा इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर सच नहीं बता रही है। वहां अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति है। सेब व्यापारियों को अपना सामान बेचने क्यों नहीं दिया जा रहा? स्कूल बंद क्यों हैं? अगर वे (सरकार) ये सोचते हैं कि लोगों को गलत सूचनाएं देकर बेवकूफ बना लेंगे तो यह उनकी भूल है। अब देश सच जानता है।’’
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