अजवद कासमी,लखनऊ:बीते 14 अप्रैल को जौनपुर के खेतासाराय थाना छेत्र के जमदहा गाँव में इसाइयों द्वारा शंत्तिपूर्वक की जा रही हाई कोर्ट की परमीशन के बाद हो रही पूजा अर्चना को हिन्दू युवा वाहिनी और शिव सेना द्वारा हमले का मामला तूल पकड़ने लगा है।
अल्पसंख्यक अधिकारो पर काम करने वाले देश के युवाओ के नेता व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रिय प्रवक्ता अमीक जामेई के सख्त तेवर सामने आये हैं!
जामेई नें पत्रकारों से बात करते हुए कहा की
क्या इस देश में धार्मिक स्वतंत्रता समाप्त हो
गयी है?
क्या किसी अल्पसंख्यक समुदाय को अपने तरीके से पूजा पद्धति करने का कोई अधिकार नहीं है?
कोर्ट के आदेश के बाद भी ईसाई समाज के लोगो को चर्च में इबादत करने से कैसे रोका जा सकता है?
गौरतलब है की जौनपुर के खेतासाराय थाना छेत्र के जमदहा में इसाइयों द्वारा पूजा शंत्तिपूर्वक की जा रही थी और इस मौके पर ईसाई समाज के लोग इकठ्ठा हुए तभी हिन्दू युवा वाहिनी और शिव सेना द्वारा उनपर धर्मांतरण का आरोप लगा कर पुलिस के सहयोग से ईसाई सामज को खदेड़ना शुरू कर दिया जिसमे पुलिस ने साथ दिया,इस मामले में इसाई समाज में डर और खौफ पसरा हुआ है!
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रिय प्रवक्ता अमीक जामेई ने कहा की क्या किसी भी शांति पूर्वक पूजा जुलूस व धार्मिक कार्यक्रम के लिए पुलिस परमीशन की ज़रूरत पड़ती है? उन्होंने कहा की जौनपुर व उत्तर प्रदेश में ईसाई समाज की एक बड़ी तादाद है और हम समाजवादी पार्टी के लोग अल्प्संख्यक समाज की धार्मिक आजादी को छीनने का हक किसी को नहीं देंगे,जामेई ने जिले की अवाम से गुज़ारिश की है की कही भी ईसाई समाज के नागरिक अधिकार या स्वंत्रता पर हमला हो आप उनका साथ दीजिये, 2019 के चुनाव में संविधान,अल्प्संखयक विरोधी इस सरकार को उखाड़ फेकने के बाद दम लेना है, पुलिस प्रशासन को कहा की आपने भारत के संविधान की शपथ ली है न की आरएसएस के संविधान की,दस्तूर के इक़बाल को दम घुटने से बचाइए और अवाम को चाहिए की एक-एक वोट के ज़रिये इस संघी फाशिष्ट सरकार को उखाड़ फेकिये!
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