योगी ने किया ऐलान,अकबर के किले में सरस्‍वती,ऋषि भारद्वाज की लगवाएंगे प्रतिमा

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24 December 2018 (Publish: 02:51 PM IST)

मिल्लत टाइम्स: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया कि प्रयागराज (इलाहाबाद) में मुगल सम्राट अकबर द्वारा बनाए गए किले में सरस्वती और ऋषि भारद्वाज की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही योगी ने कहा कि यह पहली बार है जब कुंभ और उसके बाद अक्षयवट तथा सरस्वती कूप को पूजा के खोला जाएगा। लखनऊ में युवा कुंभ के उद्घाटन के मौके पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए योगी ने कहा, “यह पहली बार है जब कुंभ मेले के दौरान अक्षयवट और सरस्वती कूप को पूजा के लिए खोला जाएगा। मुगल सम्राट अकबर ने यहां यहां एक किले का निर्माण कर दिया था, इस वजह से लोग यहां पूजा करने नहीं जा पाते थे।”

यूपी के मुख्यमंत्री ने यह भी कहा अगले साल आयोजित होन वाले कुंभ मेले के दौरान काफी ज्यादा लोग आएंगे। यह पहली बार है जब इस आयोजन को यूनेस्को द्वारा सबसे बड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम बताया गया है। प्रयागराज में होने वाले वैचारिक कुंभ में सभी जाने-माने संत हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम के दौरान अचानक भीड़ से लोगों ने नारा लगाना शुरू कर दिया कि “मंदिर जो बनाएगा, वोट उसी को जाएगा।” इस नारे के बाद राम मंदिर निर्माण पर बात करते हुए सीएम योगी ने कहा, “हम (भाजपा) ही एक ऐसी पार्टी है जो अयोध्या में राममंदिर का निर्माण करेगी। और कोई ये काम नहीं कर सकता है।”

योगी ने आगे कहा, “भारत एक राष्ट्र है, उसकी एक ही संस्कृति है। भारत की एक सोच है। यहां पर भाषाएं, जाति, क्षेत्र, खान-पान, रंगरूप, बोली भाषा अलग-अलग हो सकती है। भारत राजनीतिक रूप से भले ही अलग-अलग रहा हो, लेकिन उसकी एक संस्कृति है, जो हिन्दू संस्कृति के रूप में जानी जाती है। इस पर हम सबको गर्व होना चाहिये। यहां कुछ लोग रामजन्मभूमि के बारे में बोल रहे थे। मित्रों, यह कार्य जो भी करेगा, जब भी करेगा, यह कार्य हम ही करेंगे, कोई दूसरा नहीं कर पाएगा।’’

इस मौके पर सीएम योगी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘‘जो लोग राम और कृष्ण को मिथक मानते रहे हैं उन लोगों द्वारा जनेऊ दिखाकर और गोत्र बताकर भरमाने का प्रयास किया जा रहा है।’’ उन्होंने किसी का नाम लिये बगैर कहा, ‘‘हम लोग वर्तमान में चल रहे इस अभियान को बहुत नजदीक से समझने का प्रयास करें। कौन वे लोग हैं जो अपनी मातृभूमि और अपनी राष्ट्रमाता के प्रति षड्यंत्र करने में संलिप्त हैं। अगर हम आज इसे समझने का प्रयास नहीं कर रहे हैं तो हमारी इस युवा ऊर्जा के लिये, हमारी इस प्रतिभा के लिये इससे बड़ा दुखदायी अवसर और नहीं होगा। हमारे पास इस षड्यंत्रों को समझने का अवसर है, जो इस देश में नकारात्मकता का प्रतिनिधित्व करते हुए इस देश को एक बार फिर विखण्डन की तरफ धकेलना का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। यह षड्यंत्र हर स्तर पर रचने की तैयारी होगी लेकिन उसके प्रति सावधान रहना जरूरी है।’’ (एजेंसी इनपुट के साथ)

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