उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 2020 के दंगों से जुड़े एक मामले में अदालत ने 13 आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश परवीन सिंह ने कहा कि अभियोजन पक्ष के प्रमुख गवाह की गवाही संदेह के घेरे में है और खराब गुणवत्ता वाली CCTV फुटेज से आरोपियों की पहचान भी विश्वसनीय तरीके से साबित नहीं हुई।
गवाह के बयान में बदलाव पर कोर्ट ने उठाए सवाल
मामला 25 फरवरी 2020 को न्यू उस्मानपुर थाना क्षेत्र में हुई हिंसा से जुड़ा है। इस दौरान रमन चौहान पर कथित हमला हुआ था। चौहान ने अदालत में कहा था कि वह हमला करने वाले दंगाइयों में से किसी को पहचान नहीं सके।
कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष के एक गवाह ने जांच के दौरान शुरुआत में घटना देखने से इनकार किया था, लेकिन बाद में वह चश्मदीद गवाह बन गया। उसने CCTV फुटेज के आधार पर दो आरोपियों की पहचान भी की।
अदालत ने कहा कि इस तरह के महत्वपूर्ण बदलावों के कारण उसकी गवाही पर भरोसा करना सुरक्षित नहीं होगा।
धुंधली CCTV फुटेज भी बनी अहम वजह
अदालत ने CCTV फुटेज की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। कोर्ट के मुताबिक फुटेज ब्लैक एंड व्हाइट, अंधेरी और धुंधली थी। कम पिक्सेल रिजॉल्यूशन के कारण FSL भी चेहरों की पहचान को लेकर कोई स्पष्ट राय नहीं दे सका।
ऐसे में केवल इस फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान को विश्वसनीय नहीं माना जा सकता।
साजिश का आरोप भी साबित नहीं हुआ
अदालत ने कथित आपराधिक साजिश के आरोप पर भी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि केवल हथियार बरामद होने से आपराधिक साजिश साबित नहीं होती।
अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि कथित साजिश कब, कहां और कैसे रची गई और उसमें कौन-कौन शामिल था। इसके अलावा, कुछ आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 174A के तहत उद्घोषणा की कार्रवाई से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया भी अभियोजन साबित नहीं कर सका।
इन 13 आरोपियों पर था मुकदमा
FIR में मोहम्मद अनस, मोबिन, मो. जावेद खान उर्फ शानू, फैसल, शहजाद खान उर्फ मोंटू, इमरान खान, बादशाह खान, इरफान खान, सिराज खान, अरमान उर्फ अरबाज, अमन उर्फ सुहैल और इकबाल खान उर्फ सोनू समेत 13 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
इन पर दंगा, घातक हथियारों के साथ दंगा, हत्या की कोशिश, आपराधिक साजिश और सरकारी कर्मचारी के आदेश का पालन न करने जैसे आरोप लगाए गए थे।
अदालत ने साक्ष्यों में इन कमियों को देखते हुए सभी 13 आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
Support Independent Media
Click Here and Join the Membership of Millat Times to Support Independent Media.
Support Millat Times