नई दिल्ली:(रुखसार अहमद) उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में घूमने आए कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की पुलिस ने पीट-पीट कर हत्या कर दी। आरोप है कि जांच का विरोध करने पर पुलिस कर्मियों ने उनकी बेरहमी से पिटाई की थी। देर रात ही पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
मंगलवार पूरे दिन और देर रात तक काफी किंतु-परंतु के बाद पुलिस ने मामले में रामगढ़ताल थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया। मनीष के एक दोस्त हरदीप सिंह चौहान, जो उसके साथ होटल में रह रहा था, उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे बेरहमी से पीटा है।
गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी और उनके पिता नंद किशोर ने भी पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। पुलिस की मारपीट के दौरान ही मनीष की मौत हुई। इस घटना को देखते हुए लगता है की यूपी में सरकार के साथ-साथ पुलिस का भी गुंडाराज चल रहा है। पुलिस ने किस तरह एक व्यापरी की बेरहमी से पीट-पीट कर हत्या कर दी।
मनीष के पिता नंद किशोर गुप्ता ने बताया कि बेटे की मौत की जानकारी मिलते ही लगा सब कुछ खत्म हो गया। बेटे की लाश सामने देखने के बाद क्या कहूं। यही लग रहा है कि मेरे साथ जो हुआ वह किसी के साथ न हो। इस मामले में सरकार और अफसरों को संज्ञान लेकर इंसाफ दिलाना चाहिए। मनीष अपने माता-पिता के एकलौते बेटे थे। मां की दो साल पहले मौत हो चुकी है। मनीष के घर में उनके पिता नंद किशोर के अलावा छोटा बेटा और पत्नी ही हैं।
मनीष की शादी मीनाक्षी से 2013 में हुई थी। दोनों का चार साल का बेटा अविराज है। मीनाक्षी का मायका भी कानपुर में है। उनके पिता मदन गोपाल गुप्ता भी साथ में मेडिकल कॉलेज आए थे। मीनाक्षी ने पति के शरीर पर जख्म देखने के बाद जख्मों की फोटो के साथ मुख्यमंत्री और पुलिस के आला अफसरों को ट्वीट किया। पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। लगातार ट्विटर पर पत्नी मीनाक्षी सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग करती रहीं।
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