नई दिल्ली: नागरिकता कानून के बनने के बाद से देशभर में लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं और सरकार से इसको वापस लेने की माँग कर रहे हैं,इसके विरोध में आम आदमी से लेकर बड़े बड़े नेता सड़को पर हैं।
शुक्रवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद बैरिस्टर असदउद्दीन ओवैसी भी इसके विरोध में सड़क पर तिरंगा यात्रा निकालते नजर आए. इस दौरान हजारों की संख्या में भीड़ सड़क पर नजर आई।
हालांकि बाद में ओवैसी, सड़क पर लोगों को ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए खुद ही ट्रैफिक संभालते नजर आए. जिससे कि उनका विरोध प्रदर्शन भी चलता रहे और लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्या का भी सामना नहीं करना पड़े।
सांसद ओवैसी ने इस मौके पर कहा कि हमारी तिरंगा यात्रा देखकर संघ के पेट में दर्द हो जाएगा. उन्होंने कहा कि तिरंगा इस देश की ताकत है. देश के सभी नागरिक तिंरगा देखकर खुश होते हैं. हमलोग, उन लोगों को हकीकत बताने जा रहे हैं जो हाथ में तिरंगा लेकर ‘गोडसे’ जिंदाबाद के नारे लगाते हैं।
ओवैसी ने आगे कहा कि हमलोग बापू और बाबा साहेब अंबेडकर के सपनों को पूरा करेंगे. तिरंगे में भी हरा रंग है. इसे उठाना गर्व का विषय है. वहीं कश्मीर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि इंटरनेट हमारा मौलिक अधिकार है. सभी भारतीयों को संविधान पढ़ना चाहिए।
सीएए को रद्द किए जाने की मांग के साथ हजारों की संख्या में पुरुष और महिलाएं हाथों में राष्ट्रीय ध्वज और तख्तियां लिए हुए रैली में शामिल हुए, ईदगाह में शुक्रवार को हुई नमाज के बाद रैली का आयोजन किया गया था।
सड़क पर हजारों लोग तिरंगा लिए सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करते रहे. इस तिरंगा रैली का आगाज ऐतिहासिक मीर आलम ईदगाह से शुरू हुई, जो शास्त्रीपुरम मैदान में एक सार्वजनिक सभा में समाप्त हुई।
ईद के अवसर पर साल में केवल दो बार नमाज का साक्षी बनने वाले खुले मैदान में बड़े पैमाने पर लोगों का जमावड़ा देखने को मिला. शहर के विभिन्न हिस्सों से राष्ट्रीय ध्वज लहराया गया. मक्का मस्जिद के इमाम मौलाना रिजवान कुरैशी ने नमाज का नेतृत्व किया।
Support Independent Media
Click Here and Join the Membership of Millat Times to Support Independent Media.
Support Millat Times