नई दिल्ली : देहरादून हेट स्पीच केस में वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र त्यागी को जमानत दे दी गई है। उत्तराखंड पुलिस ने 13 जनवरी को उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी को 17-19 दिसंबर को हरिद्वार में आयोजित तीन दिवसीय धर्म संसद के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।
रिजवी ने मुसलमानों के खिलाफ जहर उगला था। सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड पर तीन महीने के लिए जितेंद्र त्यागी उम्र रिजवी को जमानत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने जितेंद्र त्यागी उर्फ रिजवी को निर्देश दिया है कि वह इस बात का अंडरटेकिंग दें कि वह किसी भी नफरत वाले भाषण के मामले में संलिप्त नहीं होंगे और इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया पर कोई ऐसा बयान नहीं देंगे।
12 मई को सुप्रीम कोर्ट ने हरिद्वार में धर्म संसद के दौरान नफरत वाले भाषण देने के आरोपी जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिजवी की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान टिप्पणी की थी कि ये पूरा वातारण खराब कर रहे हैं।
रिजवी को नफरत वाले भाषण के मामले में जनवरी में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में उत्तराखंड हाई कोर्ट से जमानत नहीं मिलने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बता दें वसीम रिजवी का विवदों से हमेशा नाता रहा है, पहले कुरान शरीफ की आयातों को हटाने के लिए सुप्रिम कोर्ट में याचिका डाली थी। उसके बाद धर्म बदलकर मुसलमानों के लिए जहर उगलने के काम शुरू कर दिया था।
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