देवबंद में कई मस्जिदों, मदरसों और मजारों पर बुलडोज़र का खतरा, 11 मामलों की जांच, 6 को नोटिस जारी

Millat Times Staff

Millat Times Staff

09 July 2026 (Publish: 09:03 AM IST)

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की देवबंद तहसील में सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन का दावा है कि सरकारी भूमि पर मस्जिद, मदरसे और मजार बनाकर कब्जा किया गया है। इसी मामले में कुल 11 मामलों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से छह मामलों में नोटिस जारी कर संबंधित पक्षों को जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि बाकी मामले विभिन्न अदालतों में विचाराधीन हैं।

इन मस्जिदों और मदरसों को जारी हुए नोटिस

प्रशासन ने जिन संस्थानों को नोटिस जारी किए हैं, उनमें ग्राम सोहनचिड़ा की अक्सा मस्जिद, पंडौली गांव की मदीना मस्जिद, छलौली स्थित मदरसा दारुस्सलाम, अंबेहटा शेखा का एक मदरसा, पहाड़पुर की एक मस्जिद और अंबेहटा शेखा की एक अन्य मस्जिद शामिल हैं। संबंधित मुतवल्लियों और प्रबंधकों को 13 जुलाई तक तहसीलदार के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया है।

35 साल पुरानी मदीना मस्जिद भी कार्रवाई के दायरे में

कार्रवाई की जद में आई पंडौली गांव की मदीना मस्जिद को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि जहां आज मस्जिद बनी है, वह खादर की जमीन है। उनका दावा है कि करीब 35 वर्ष पहले इस स्थान पर लोग कूड़ा फेंकते थे। गांव वालों ने सफाई बनाए रखने और कूड़ा डालने से रोकने के उद्देश्य से यहां मस्जिद का निर्माण कराया था।

ग्रामीणों का कहना है कि मस्जिद बनने के बाद इतने वर्षों तक किसी सरकारी विभाग या प्रशासन ने कोई आपत्ति नहीं जताई। अब नोटिस मिलने के बाद गांव के लोगों में चिंता का माहौल है और उन्हें अपनी इबादतगाह के भविष्य की फिक्र सता रही है। उनका कहना है कि वे चाहते हैं कि कानून का पालन भी हो और लोगों की धार्मिक भावनाओं का भी सम्मान बना रहे।

जांच में सरकारी जमीन पर कब्जे का दावा

प्रशासन के अनुसार, सोहनचिड़ा गांव में वर्ष 2012 में करीब 0.0172 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर मस्जिद का निर्माण किया गया था। इस जमीन की वर्तमान बाजार कीमत लगभग 11.52 लाख रुपये आंकी गई है। तहसीलदार ने मस्जिद के मुतवल्ली अहसान को नोटिस जारी करते हुए 25 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति जमा करने के लिए भी कहा है।

वहीं पंडौली गांव में करीब 0.0300 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर मस्जिद का पक्का निर्माण किया गया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 20.01 लाख रुपये बताई गई है। इसी तरह छलौली गांव में करीब 0.2900 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर मदरसा बनाए जाने का मामला सामने आया है। प्रशासन का दावा है कि इससे राजस्व विभाग को लगभग 19.69 लाख रुपये की क्षति हुई है।

धारा-67 के तहत कार्रवाई, कई मामले अदालतों में लंबित

तहसीलदार देवबंद के अनुसार, उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-67 के तहत सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और बिना अनुमति सरकारी भूमि के उपयोग से जुड़े छह मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा सार्वजनिक परिसर (पीपी) एक्ट के तहत तीन मामले विचाराधीन हैं, जबकि एक मामला अपर जिलाधिकारी (एडीएम) न्यायालय और एक मामला तहसीलदार न्यायालय में लंबित है।

13 जुलाई तक देना होगा जवाब

देवबंद तहसील प्रशासन ने सभी संबंधित मस्जिदों और मदरसों के प्रबंधकों तथा मुतवल्लियों को 13 जुलाई तक अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। प्रशासन का कहना है कि जवाब मिलने के बाद सभी मामलों में कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Support Independent Media

Click Here and Join the Membership of Millat Times to Support Independent Media.

Support Millat Times

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top