नई दिल्ली, यूपी के वाराणसी (काशी) के गंगा घाटों पर हिंदू संगठन के लोगों ने चारों ओर एक खास तरह के पोस्टर लगाए है। जिसमें गैर-हिंदुओं को इन घाटों पर न जाने की चेतावनी दी गई है।
इन पोस्टरों पर बड़े अक्षरों में लिखा है, ‘प्रवेश प्रतिबंधित- ग़ैर हिंदू’। इसके अलावा लिखा गया है, ‘मां गंगा, काशी के घाट और मंदिर सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, श्रद्धा और आस्था के प्रतीक हैं, जिनकी आस्था सनातन धर्म में हो, उनका स्वागत है, अन्यथा यह क्षेत्र पिकनिक स्पॉट नहीं है। फिलहाल पुलिस इस मामले पर बोलने से बच रही है। हालांकि, पुलिस की ओर से इन पोस्टरों को हटाने का काम किया जा रहा है।
इसके अलावा विहिप के नगर सचिव राजन गुप्ता ने कहा कि जिन्हें सनातन धर्म का सम्मान नहीं है, उन्हें घाटों और मंदिरों में नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर वे सनातन धर्म का सम्मान करते हैं तो हम उनका स्वागत करेंगे। पोस्टर में कहा गया है कि “यह एक अनुरोध नहीं बल्कि एक चेतावनी है।
इस मामले में कई लोगों का मानना है जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे दक्षिणपंथी हिंदू संगठनों का अल्पसंख्यक विरोधी अभियान तेज तेज होता जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर ऐसे अभियानों को लेकर न केवल आंखें मूंद लेने, बल्कि सक्रिय रूप से इसका समर्थन करने का आरोप लगाया गया है।
वाराणसी में ये पोस्टर पिछले कुछ महीनों से देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे हिंदू नेतृत्व वाले अल्पसंख्यक विरोधी अभियान का हिस्सा प्रतीत होते हैं। कई लोगों का मानना है कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के संदर्भ में लगाए जा रहे इन पोस्टरों का राजनीतिक महत्व है।
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