नई दिल्ली, ‘सुल्ली डील्स’ और ‘बुल्ली बाई ऐप’ के बाद अब एक नए ‘क्लबहाउस’ नामक ऐप पर मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ अश्लील टिप्पणियां करने का मामला सामने आया था। इस घटना में मुंबई पुलिस ने एमेटी यूनिवर्सिटी के लॉ स्टूडेंट का गिरफ्तार किया था। अब मुंबई में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने यश कुमार को जमानत दे दी है।
बता दें कि ‘क्लबहाउस’ चैट रूम में महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की जाती थी। यश कुमार जमानत पाने वाले तीन आरोपियों में पहला था। पुलिस ने उसे 20 जनवरी, 2022 को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया था।
तीनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153ए, 295ए, 354ए, 354डी और धारा 509 सपठित सूचना और प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 के तहत गिरफ्तार किया गया था। 19 जनवरी को दर्ज एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसकी और उसके बचपन की दोस्त की तस्वीरों का इस्तेमाल एक चैट रूम में किया गया था।
इसके अलावा, पुलिस ने आरोप लगाया कि कुमार ने अक्टूबर, 2021 में “स्वाति जय अब्दुल” नामक एक चैट रूम बनाया था एक सह-आरोपी ने और चैट रूम बनाए, जिनमें मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक बयान दिए गए और आपत्तिजनक तस्वीरें शेयर की गईं।
यह आरोप लगाया गया कि दो चैट रूम में 300 से अधिक मेंबर थे। अधिवक्ता गायत्री गोखले और अक्षय बाफना के माध्यम से जमानत की मांग करते हुए कुमार ने दलील दी कि उन्हें मामले में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि कुमार 22 वर्षीय एमेटी यूनिवर्सिटी में पढ़ रहा है, जिसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
आवेदक ने किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी भी महिला, धर्म और समुदाय के खिलाफ कोई मौखिक या लिखित अपमानजनक टिप्पणी नहीं की है और आवेदक को अन्य व्यक्तियों द्वारा किए गए कृत्यों के लिए बलि का बकरा बनाया जा रहा है।”
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