नई दिल्ली, मणिपुर में चुनाव से पहले हिंसा की घटनाएं सामने आ रही है। इसी कड़ी में शनिवार को अक्षेत्रीगांव विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे जेडीयू के उम्मीदवार वेंगबम रोजित सिंह को दो बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारी।
उन्हें उस समय गोली मारी गई जब वह अपनी पार्टी के लोगों के साथ चुनाव अभियान के बाद घर लौट रहे थे। पुलिस ने रविवार को घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने कहा कि गोली लगने के बाद वेंगबम रोजित सिंह को तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सुरक्षा बलों ने अज्ञात अपराधियों को पकड़ने के लिए इंफाल पूर्वी जिले में तलाशी अभियान शुरू किया है। क्षेत्रीगांव विधानसभा सीट उन 38 निर्वाचन क्षेत्रों में शामिल है, जहां दो चरण के मणिपुर विधानसभा चुनाव के पहले चरण में सोमवार को मतदान होगा।
इससे पहले एक अन्य घटना में शनिवार की रात चुराचांदपुर जिले के गंगपीमुअल गांव में एक घर में हुए बम विस्फोट में एक बच्चे समेत दो लोगों की मौत हो गयी और पांच अन्य घायल हो गये। दोनों घटनाएं पांच जिलों में पहले चरण के मतदान से पहले 48 घंटे से भी कम समय में हुई हैं।
चुनाव आयोग द्वारा 8 जनवरी को मणिपुर विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम घोषित किए जाने के बाद से यह हिंसा की एक बड़ी घटना है। चुनावों से पहले, मणिपुर में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार की सहयोगी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) ने पहले चुनाव आयोग (ईसी) से शिकायत की थी कि इसके उम्मीदवारों को कई उग्रवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा धमकाया जा रहा था।
इससे पहले 19 फरवरी को एनपीपी के एंड्रो निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार एल. संजय सिंह के पिता एल. शामजई सिंह को अज्ञात बंदूकधारियों ने दाहिने कंधे में गोली मार दी थी, जब वह यारीपोक याम्बेम लीकाई में एक अभियान कार्यक्रम में थे। विपक्षी कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दल अज्ञात बदमाशों या संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा हिंसा की धमकी को देखते हुए चुनाव आयोग से सुरक्षा कड़ी करने की बार-बार मांग कर रहे हैं। बता दें मणिपुर की 60 सीटों वाली विधानसभा के लिए दो चरणों में 28 फरवरी और 5 मार्च को मतदान होगा। वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी।
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