नई दिल्ली, कर्नाटक में हिंदू संगठन द्वारा सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने की एक और घटना सामने आई है। इससे पहले स्कूल में हिजाब पहनने के लिए लड़किया अपने हक के लिए लड़ रही है।
वहीं सूबे के कोलार जिले में एक हिंदू कट्टरपंथी समूह ने शुक्रवार, 21 जनवरी को एक स्कूल कैंपस में नमाज पढ़ने वाले मुस्लिम छात्रों के खिलाफ जमकर हंगमा किया। रविवार, 23 जनवरी को मुलबगल के एक सरकारी स्कूल में नमाज पढ़ते छात्रों का एक वीडियो सामने आया।
ठीक उसी वीडियो में एक हिंदुत्व समूह स्कूल के ऑफिस में घुसते और हंगामा करते हुए भी दिखता ह। बीचबचाव के लिए पुलिस अधिकारियों को बुलाया गया और लेकिन हिंदुत्व समूह को उनके साथ बहस करते हुए भी देखा जा सकता है। वहीं कोलार के सांसद एस. मुनिस्वामी और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में हस्तक्षेप करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि स्कूल में जुमे की नमाज की अनुमति देने का इतिहास कभी नहीं रहा है और यह एक गलत मिसाल कायम करेगा। एक अन्य अभिभावक ने आरोप लगाया कि यह स्कूल प्रशासन की सहमति से हर सप्ताह चल रहा था। इस बीच स्कूल के एक शिक्षक ने इस आरोप का खंडन किया कि हर सप्ताह ऐसी नमाज हो रही थ। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि ऐसा पिछले शुक्रवार को ही हुआ था जब वह और अन्य शिक्षक दोपहर के भोजन के दौरान स्कूल से बाहर थ।
उन्होंने कहा, ‘उन्हें प्रखंड शिक्षा अधिकारी का फोन आया कि स्कूल परिसर के अंदर जुमे की नमाज की अनुमति क्यों दी गई। जब वह स्कूल पहुंची तो उन्होंने देखा कि मुस्लिम लड़के नमाज पढ़ रहे है।’
शनिवार को विरोध प्रदर्शन के कारण तनाव व्याप्त होने पर पुलिस मौके पर पहुंची और नाराज माता-पिता, पूर्व छात्रों और कुछ हिंदू कार्यकर्ताओं को शांत कराया। हालांकि पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। वहीं बच्चों को कैंपस से बाहर जाने से रोकने के लिए, प्रिंसिपल उमा देवी ने उन्हें स्कूल के भीतर नमाज पढ़ने की अनुमति दी थी। लेकिन 21 जनवरी को हुए हंगामे के बाद प्रिंसिपल ने नमाज पढ़े की जानकारी होने से इनकार किया।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BDO) गिरिजेश्वरी देवी ने TNM से बात करते हुए कंफर्म लिया कि उन्हें अब तक इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है।
हिज़ाब के बाद अब नमाज़…
कर्नाटक के कोलार जिले में एक सरकारी स्कूल के क्लासरूम में जुमे की नमाज़ अदा करते बच्चों का वीडियो सामने आने के बाद हिन्दू संगठन के लोगों ने जमकर हंगामा किया।
बच्चों का कहना है कि उन्हे नमाज़ पढ़ने की इजाज़त स्कूल की हेडमिस्ट्रेस उमा देवी ने खुद दिया था। pic.twitter.com/9TFzriMEqt
— Ashraf Hussain (@AshrafFem) January 24, 2022
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