नई दिल्ली, दिल्ली दंगे के आरोप में जेल में बंद जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद की जमानत याचिका पर एक बार फिर फैसला टाल दिया गया है। अब उमर खलिद की की जमानत पर फैसला 23 मार्च को आ सकता है।
दरअसल खालिद की जमानत याचिका पर आदेश मूल रूप से 14 मार्च को सुनाया जाना था। हालांकि, पिछले हफ्ते में खालिद के लिए लिखित प्रस्तुतियां दाखिल करने के कारण इसे टाल दिया गया था।
दिल्ली पुलिस ने 2020 के दिल्ली दंगों के एक मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत उमर खालिद, शरजील इमाम सहित कई अन्य आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया गया था। इसके मुताबिक दिल्ली के दंगे एक सुनियोजित, गहरी साजिश का हिस्सा थे, जो आरोपी व्यक्तियों द्वारा रची गई थी। वहीं आरोप पत्र में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने इस हद तक और इतने परिमाण में व्यवधान पैदा करने की साजिश रची कि इससे अभूतपूर्व रूप से अव्यवस्था और कानून-व्यवस्था बिगड़ जाए। कड़कड़डूमा कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत के समक्ष यह आरोपपत्र दायर किया गया है।
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