नई दिल्ली, ईरान कल्चर हाउस के बैनर तले 21 जून को वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन ने एक मीटिंग रखी थी। इसमें सभी धर्मों के लोग शामिल थे। इसका असल मकसद था लोगों में भाईचारा लाना, क्योंकि सभी धर्म एकता,भाईचारा और इंसानियत की बात करते हैं। लेकिन एकता की बातें सिर्फ़ उनके धर्म स्थलों में होती है लेकिन ये बातें समाज तक कैसे पहुँचे?
इस प्रोग्राम में अगल- अलग धर्म के जाने माने लोग शामिल हुए और इस बात पर जोर दिया कि सभी धर्मों की अच्छी बातें लोगों तक पहुंचाया जाए। मीडिया से बात करते हुए धर्म गुरु विवेक मुनि ने कहा कि “मौजुदा हालात में एक एजेंडा बनाकर पुरे देश में काम की जरूरत है।
क्योंकि जिस प्रकार से पुरे देश का और विश्व का माहौल है उसमें बहुत जरूरी है कि अमन की बात हो। प्यार का पैगाम लोगों तक पहुंचे, और सभी लोग एक दूसरे की धर्मो का सम्मान करते हुए अपनी धर्म की उपास्ना करें इससे किसी को कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन जब हम किसी के धर्म के पैगंबर को गलत बोलते हैं तो ये किसी भी धर्म के मानने वालों को बर्दास्त नहीं होता है। इसमें दुसरे धर्मों के अनुयायियों का फर्ज बनता है कि उन्हें समझाएं की हमें दूसरे धर्मों का भी आदर और सम्मान करना है।
वहीं जमात-ए-इस्लामी के सलीम इंजीनियर ने कहा “आज के हालात में हमारे मुल्क में जिस तरह से नफ़त का माहौल पैदा करने की कोशिश हो रही है और सियासी फ़ायदे के लिए समाज को बांटने की समाज में दरार पैदा करने की और समाज को कमजोर करने की जो कोशिशें हो रहीं है। ऐसे में मजहबी लोगों की ये जिम्मेदारी है कि वो खामोश न रहें।
उन्होंने आगे कहा कि ये जो लोग मजहब का नाम लेकर नफ़रत फ़ैला रहे हैं उनका मजहब से तालुक नहीं है और जो मजहब के नाम पर नफ़रत फ़ैला रहे हैं उन लोगों को रोकना बहुत जरूरी है। स्वामी चंद्र देव ने कहा कि ये जितनी भी नफ़रत चल रही है सब कसुर धर्म गुरुओं का है।
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