नई दिल्ली, इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सेना में भर्ती की नई योजना अग्निपथ के लिए मोदी सरकार को जमकर कोसा है।
अग्निपथ को लेकर देश के कई हिस्सों में युवाओं द्वारा उग्र प्रदर्शन,आगजनी तथा पत्थरबाजी को देखते हुए ओवैसी ने पीएम से अपील की है कि वह इस स्कीम को वापस ले लें।
हालांकि, एक टीवी डिबेट के दौरान जब उनसे यह कहा गया कि वह हिंसा करने वालों से ऐसा ना करने की अपील कर दें तो सांसद ने साफ इनकार कर दिया और कहा कि सरकार इसके लिए जिम्मेदार है। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि देश में हिंसा की कोई जगह नहीं है।
आगे उन्होंने कहा कि जिस तरह देश के प्रधानमंत्री ने लैंड बिल और किसान बिल के गलत फ़ैसले लिए थे ये भी प्रधानमंत्री का गलत फ़ैसला है उनको वापस लेना चाहिए।
ओवैसी ने कहा कि देश में 2 साल में चुनाव तो हुए लेकिन सेना में भर्ती नहीं हुई। उन्होंने कहा, मैं भाजपा से अपील कर रहा हूं कि आप देश की जनता की आवाज को सुनिए, अपनी गलती मानिए और फैसले को वापस ले लीजिए। यह क्यों हुआ, देश के प्रधानमंत्री से मैं हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि आप फैसले को वापस लीजिए। यदि हिंसा हो रही है तो सरकार क्या कर रही है। सरकार जिम्मेदार है।
सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि इस योजना में भर्ती होने वाले अभ्यर्थियों को न ही कोई रैंक दी गई है और न ही कोई पेंशन दी गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि आपने ये फैसला क्यों लिया है। सेना में लगभग एक लाख वैकेंसी हैं। चीन हमारी जमीन में बैठा है। पाकिस्तान से हमें खतरा है। फिर भी आपने ये फैसला लिया है आपका ये फैसला गलत है।
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