चेन्नई. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑटो सेक्टर में मंदी के पीछे एक वजह युवाओं के बदलते माइंडसेट को बताया है। सीतारमण ने कहा कि युवा वर्ग नई कार के लिए ईएमआई का भुगतान करने से ज्यादा ओला और उबर जैसी रेडियो टैक्सी सर्विस का इस्तेमाल करना पसंद कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने रिपोर्टर्स से बातचीत के दौरान कहा कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर बीएस-6 प्रावधानों का भी असर पड़ा है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर की मांग पर विचार करेगा मंत्रालय
सीतारमण ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर मीडिया को सरकार के कामों का ब्योरा दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दो दशकों की सबसे बड़ी मंदी से जूझ रहे ऑटोमोबाइल क्षेत्र कि मांगों पर सरकार जरूर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय वाहन क्षेत्र के कुछ सुझावों पर पहले ही विचार कर चुकी है, आगे कुछ अन्य सुझावों पर भी चर्चा की जाएगी।
ऑटो इंडस्ट्री की मांग है कि जीएसटी 28% से घटाकर 18% किया जाए। कॉन्फ्रेंस में इस पर आए एक सवाल पर सीतारमण ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि अकेले मैं जीएसटी पर फैसला नहीं कर सकती।
ऑटो सेक्टरकी बिक्री में भारी गिरावट का माहौल
भारतीय वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन (सियाम) ने सोमवार को अगस्त महीने के बिक्री आँकड़े जारी किए थे। इसके अनुसार, बिक्री में 1997-98 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अगस्त माह के दौरान वाहनों की कुल बिक्री पिछले साल के इसी माह की 23,82,436 की तुलना में 23.55 फीसदी घटकर 18,21,490 वाहन रह गई। घरेलू बाजार में यात्री वाहनों की बिक्री तो 31.57 फीसदी घटकर दो लाख से भी कम 1,96,524 वाहन रह गई। देश की अग्रणी यात्री कार कंपनी मारुति सुजुकी की बिक्री अगस्त में 36.14 फीसदी कम रही।(इनपुट भास्कर)
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