एशिया का नोबेल कहे जाने वाले रैमन मेग्सेसे अवॉर्ड से वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार को सम्मानित किया गया है। साल 2019 के लिए रैमन मेग्सेसे अवॉर्ड की घोषणा हुई, जिसमें रवीश का नाम भी शामिल है। रैमन मेग्सेसे अवॉर्ड पत्रकारिता के जगत में योगदान को लेकर दिया गया है। बता दें कि यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैग्सेसे की याद में दिया जाता है।
https://twitter.com/MagsaysayAward/status/1157122862110502912?s=20
साल 2019 के लिए रवीश कुमार सहित कुल चार लोगों को रैमन मैग्सेसे अवॉर्ड दिया गया है। रवीश के अलावा म्यांमार के को सी विन, थाइलैंड की अंगहाना नीलपाइजित, फिलिपींस के रमेंड और दक्षिण कोरिया के किम जोंग को रैमन मैग्सेसे अवॉर्ड दिया गया है।
यह सम्मान 12 साल बाद किसी भारतीय पत्रकार को मिला है। इससे पहले में पी साईनाथ को पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए मैग्सेसे पुरस्कार मिला था।
चलिए एक नजर डालते है रविश कुमार पर। रवीश कुमार का जन्म बिहार के पूर्वी चंपाराण जिले के मोतीहारी में हुआ है। उन्होंने लोयोला हाई स्कूल, पटना, से अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की, और फिर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वह दिल्ली आ गये। दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक करने के उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया।
1996 से रवीश कुमार एनडीटीवी से जुड़े रहे हैं। शुरुआती दिनों में एनडीटीवी में आई चिट्ठियां छांटा करते थे। इसके बाद वो रिपोर्टिंग की तरफ आगे बढ़े। एनडीटीवी पर आने वाला कार्यक्रम ‘रवीश की रिपोर्ट’ बेहद चर्चित हुआ और लोगों के लिए पसंदीदा कार्यक्रम बन गया।
रवीश कुमार को कई ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से बोलने के लिए जाना जाता है। इसके लिए कई बार वो सोशल मीडिया पर ट्रोल भी होते रहते हैं।
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