मिल्लत टाइम्स,कोलकाता:ममता बनर्जी ने रविवार को शहीद दिवस रैली में कहा कि देश में लोकतंत्र बहाल करने की जरूरत है। चुनाव मशीन (ईवीएम) नहीं बल्कि बैलेट से कराए जाने चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस हर साल 21 जुलाईको कोलकाता में शहीद दिवस रैली कराती है। 1993 में इसी दिन पश्चिम बंगाल की तत्कालीन कम्युनिस्ट सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश दिया था। इसमें 13 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी। ममता उस वक्त युवा कांग्रेस की नेता थीं।
‘मेरी शहीदों कोश्रद्धांजलि’
ममता ने कहा- 21 जुलाई शहीद दिवस ऐतिहासिक है। 26 साल पहले आज के ही दिन 13 युवा कार्यकर्ताओं की पुलिस फायरिंग में मौत हो गई थी। तब से इस दिन को हम शहीद दिवस के रूप में मनाते हैं। मैं उन सभी शहीदों को श्रद्धांजलि देती हूं, जो 34 साल के लेफ्ट के शासनकाल में मारे गए।
‘बैलेट पेपर वापस लाओ’
बंगाल की मुख्यमंत्री ने ईवीएम पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘‘21 जुलाई 1993 को प्रदर्शनकारियों की मांग थी- आईडी कार्ड नहीं तो वोट नहीं। इस साल हम लोकतंत्र बहाली की मांग करते हैं। मशीन नहीं, बैलेट पेपर वापस लाओ। #21जुलाईशहीददिबस पर यही प्रण लें कि लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष करेंगे।’’
‘‘यह नहीं भूलना चाहिए कि इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका ने भी ईवीएम से चुनाव कराए थे लेकिन बाद में इसे रोक दिया। तो हम बैलेट पेपर पर क्यों नहीं लौट सकते? 1995 से मैं चुनाव सुधारों की मांग कर रही हूं। अगर चुनाव में कालेधन का इस्तेमाल रोकना है और लोकतंत्र बचाना है तो राजनीतिक दलों को पारदर्शिता लानी होगी।’’
शहीद दिवस रैली को आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। इस बार लोकसभा चुनाव में राज्य में भाजपा का जोरदार प्रदर्शन रहा। पार्टी ने बंगाल की 42 सीटों में से 18 जीत लीं। जबकि तृणमूल को 22 सीटों पर कब्जा किया।
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