अशफाक कायमखानी।जयपुर।
राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम कस्बे के गावं मे सरकारी डयूटी निभा रहे हेड कांस्टेबल अब्दुल गनी की पीट पीट कर हत्या करने को लेकर तीन सूत्रीय मांगो को लेकर चल रहा घटनाक्रम का पटाक्षेप आज शाम हो जाने के शहीद की मयत गमगीन माहोल के मध्य सुपुर्द -ए-खाक उनके आबाई गावं मे कर दिया गया।
मांगे को लेकर कलेक्टर राजेन्द्र भट्ट और एस पी हरेन्द्र महावर शहीद हेड कांस्टेबल अब्दुल गनी के निवास पर पहुंच कर शहीद के परिजनों से बात कर उन्हे आश्वासन दिया की ड्यूटी के दौरान मौत होने पर सरकार की और से निर्धारित राशि मिल जाएगी और एक सदस्य को नौकरी मिलेगी। इसके अलावा कलेक्ट्रेट और पुलिस विभाग के कर्मी एक दिन की तनख़्वाह शहीद गनी के परिवार को स्वेच्छा से देंगे। इसके अलावा शहीद हेड कांस्टेबल के एक बेटी व एक बेटे को बालिग़ होने तक एक का कलेक्टर व एक का एसपी पढाई का खर्चा वहन करेंगे। कलेक्टर राजेंद्र भट्ट शहीद गनी के परिवार को यूआईटी से मकान आवंटित करने के लिए राज्य सरकार को शिफारिश करेंगे। राजसमंद पुलिस टीम के प्रतिनिधि डीप्टी राजेंद्र सिंह भीलवाड़ा पहुँचे । शहीद हेड कांस्टेबल गनी के अंतिम संस्कार (सुपुर्दे ख़ाक ) में होंगे शामिल हुये।
कुल मिलाकर यह है कि मोबलिंचीग की घटनाओं व डयूटी पर तैनात मुस्लिम पुलिस अधिकारी की भीड़ द्वारा हत्या करने का सीलसीला सरकार रोक पाने मे सक्षम साबित नही हो पा रही है। अशोक गहलोत की सरकार मे ही सवाईमाधोपुर जिले के सूरवाल कस्बे मे डयूटी पर तैनात थानेदार फूल मोहम्मद को सरे आम जींदा जलाकर मार दिया गया था।
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