मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को झटके पर झटका लग रहा है। एक-एक कर उनके विधायक भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय और मुकुल रॉय की उपस्थिति में बोनगांव से टीएमसी विधायक बिश्वजीत दास और 12 टीएमसी पार्षद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। इसके अलावा बीजेपी ने इस बार कांग्रेस को भी झटका दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता प्रेसेनजीत घोष भी इस दौरान बीजेपी में शामिल हुए। लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस विधायकों एवं नेताओं का पाला बदलने का सिलसिला जारी है।
सोमवार को नौपारा विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस विधायक सुनील सिंह तथा पार्टी के 12 पार्षद दिल्ली में में शामिल हुए थे। बीजेपी में शामिल होने के बाद सुनील सिंह ने कहा था, ‘पश्चिम बंगाल में जनता ‘सबका साथ, सबका विकास’ चाहती है। यह मोदी जी की सरकार है, और हम राज्य में यही सरकार बनाना चाहते हैं, ताकि पश्चिम बंगाल का विकास किया जा सके। इससे पहले भी तीन विधायक और 50 से अधिक पार्षद टीएमसी का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। हाल में हुए लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में टीएमसी को 22 सीटें मिली हैं, जबकि बीजेपी के खाते में 18 सीटें गई हैं। 2014 में बीजेपी को राज्य में महज दो सीटों से संतुष्ट होने पड़ा था।मालूम हो कि ममता बनर्जी और भाजपा में लोकसभा चुनाव से ही तनातनी चल रही है। लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने बंगाल में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि चुनाव के नतीजों के बाद 40 विधायक भाजपा में शामिल होंगे।
पीएम मोदी ने कहा था कि ये विधायक लगातार उनके संपर्क में हैं। इसके बाद भाजपा के बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि टीएमसी विधायक किश्तों में भाजपा ज्वाइन करेंगे।हाल ही में तृणमूल कांग्रेस ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लिखे एक पत्र में आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल सरकार को भेजा गया गृह मंत्रालय का परामर्श भाजपा का गहरा षड्यंत्र’और द्वारा विपक्ष शासित राज्यों में सत्ता हथियाने की चाल है। हालांकि, भाजपा ने आरोपों को बेबुनियाद बताया और दावा किया था कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह चरमरा गयी है। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव एवं पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी ने पत्र में लिखा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जमीनी हकीकत जाने बिना या राज्य सरकार से रिपोर्ट लिए बिना निष्कर्ष निकाल लिया। उन्होंने लिखा, हम तृणमूल कांग्रेस की ओर से गृह मंत्रालय के परामर्श पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हैं और अपील करते हैं कि इसे तत्काल वापस लिया जाए।
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