सहरसा में मानसिक रूप से दिव्यांग होजेफा की रस्सी से बांधकर बेरहमी से पिटाई, पुलिस पर FIR दर्ज न करने का आरोप

Millat Times Staff

Millat Times Staff

05 September 2026 (Publish: 10:56 AM IST)

सहरसा, बिहार: नौहट्टा थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव में 31 अगस्त 2026 की देर रात मानसिक रूप से दिव्यांग होजेफा, पिता अंजार अहमद, निवासी फेकराही वार्ड नंबर 08 के साथ कथित तौर पर मारपीट और अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि होजेफा को गांव में एक पेड़ से हाथ-पैर बांधकर रखा गया था।

इलाज के लिए रांची जाना था

परिजनों के मुताबिक, होजेफा मानसिक रूप से दिव्यांग है और उसके इलाज के लिए रांची में मानसिक रोग विशेषज्ञ से मिलने की तैयारी थी। इसी दौरान वह रात में घर से निकल गया और करीब 2.5 किलोमीटर दूर शाहपुर गांव पहुंच गया। परिजनों ने पूरी रात उसकी तलाश की।

सुबह जानकारी मिली कि होजेफा शिवनंदन पासी के घर के पास एक पेड़ से बंधा हुआ है। परिवार का आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई और उसके साथ मॉब लिंचिंग की कोशिश की गई। परिवार ने ये भी आरोप लगाया की होजेफा के गुप्त अंगों को गरम लोहे की रोड से दागा गया तथा उसे प्रताड़ित किया गया।

परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। नौहट्टा सरकारी अस्पताल से उसकी हालत बिगड़ने पर सदर अस्पताल सहरसा रेफर किया गया। बाद में परिवार उसे इलाज के लिए नेपाल के विराटनगर ले गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

FIR दर्ज करने से इनकार का आरोप

परिवार का आरोप है कि घटना के बाद वे नौहट्टा थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे, लेकिन थाना अध्यक्ष ने मुकदमा दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिवार ने DIG कोशी रेंज और SP सहरसा से न्याय की गुहार लगाई। परिवार के अनुसार, अधिकारियों की ओर से थाने में मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया गया।

परिजनों का आरोप है कि इसके बाद थाना अध्यक्ष ने नाराज होकर कथित तौर पर कहा, “मेरे खिलाफ DIG SP के पास जाओगे, सबको झूठा केस कर फंसा देंगे, हरिजन एक्ट लगा देंगे।”

17-18 ग्रामीणों पर FIR का दावा

परिवार का आरोप है कि इसके बाद संबंधित व्यक्ति को थाने बुलाकर उसके आवेदन में बदलाव कराया गया और न्याय की मांग करने वाले ग्रामीणों तथा सोशल मीडिया पर मामले को उठाने वाले लोगों के खिलाफ कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया।

परिजनों का दावा है कि करीब 17-18 ग्रामीणों को FIR में आरोपी बनाया गया है। परिवार का कहना है कि अगर निर्दोष ग्रामीणों को झूठे मुकदमे में फंसाया गया है तो यह मामले को और गंभीर बनाता है।

मूल आवेदन में नहीं था किसी अन्य व्यक्ति का नाम?

परिवार का सबसे गंभीर आरोप यह है कि संबंधित व्यक्ति के मूल आवेदन में किसी अन्य ग्रामीण का नाम नहीं था। परिवार के अनुसार, मूल आवेदन में केवल यह उल्लेख था कि होजेफा पूजा घर में जाकर गुरु महाराज की कुर्सी पर बैठ गया था। उसकी पत्नी ने उसे देखा और परिवार ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। परिजनों का कहना है कि बाद में आवेदन में बदलाव कर कई ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़ित परिवार का आवेदन थाना अध्यक्ष ने 02.09.2026 को लिया था।

Support Independent Media

Click Here and Join the Membership of Millat Times to Support Independent Media.

Support Millat Times

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top