बेंगलुरु/विजयनगर: कर्नाटक के विजयनगर जिले के हगारीबोम्मनहल्ली पुलिस स्टेशन में 35 वर्षीय निर्माण मजदूर खलील की कथित पुलिस हिरासत में मौत के मामले में सोमवार को दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों की पहचान हेड कॉन्स्टेबल इत्तागी राघवेंद्र और कॉन्स्टेबल वेंकटेश के रूप में हुई है। मृतक की पत्नी शाइनाज की शिकायत पर एफआईआर दर्ज होने के बाद दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
घरेलू विवाद के बाद पुलिस स्टेशन लाया गया था
पुलिस के अनुसार, हरापनाहल्ली निवासी खलील अपने परिवार के साथ हगारीबोम्मनहल्ली में रहते थे। रविवार देर रात पति-पत्नी के बीच हुए घरेलू विवाद के बाद शाइनाज पुलिस के पास पहुंचीं, जिसके बाद खलील को पुलिस स्टेशन लाया गया।
परिजनों का आरोप है कि हिरासत में लेने के बाद पुलिसकर्मियों ने थाने के अंदर लाठियों और रॉड से उनकी बेरहमी से पिटाई की, जिससे उनकी मौत हो गई। परिवार का यह भी आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में मौत को मिर्गी का दौरा बताकर मामले को दबाने की कोशिश की।
शरीर पर मिले चोट के निशान, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक की पत्नी शाइनाज का कहना है कि खलील के सिर, नाक और कान से खून बह रहा था तथा शरीर पर कई चोटों के निशान थे, जिससे हिरासत में यातना दिए जाने का संदेह और गहरा हो गया।
शिकायत मिलने के बाद विजयनगर की पुलिस अधीक्षक एस. जाह्नवी ने दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। बाद में दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी गई।
एसपी जाह्नवी ने बताया कि मामले की जांच मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराई गई है और पोस्टमार्टम भी पूरा हो चुका है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटना के बाद बल्लारी रेंज के आईजी डॉ. हर्ष समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हगारीबोम्मनहल्ली पुलिस स्टेशन पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
एसपी एस. जाह्नवी और डिप्टी एसपी मल्लेश डोडमानी ने भी मौके पर रहकर जांच की निगरानी की और इलाके की कानून-व्यवस्था पर नजर बनाए रखी।
पुलिस स्टेशन और अस्पताल के बाहर प्रदर्शन
खलील की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग पुलिस स्टेशन और बाद में उस अस्पताल के बाहर एकत्र हो गए, जहां उनका शव रखा गया था। प्रदर्शनकारियों ने कथित हिरासत में हुई मौत के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
रिश्तेदार ने उठाए सवाल
मृतक के रिश्तेदार नौशाद अली ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा,
“पति-पत्नी के बीच सिर्फ एक झगड़ा हुआ था। पुलिस उसे थाने ले गई और पीट-पीटकर मार डाला। उसकी जान कौन वापस लाएगा? क्या किसी व्यक्ति के साथ इतनी बेरहमी से मारपीट करना पुलिस का काम है?”
स्थानीय विधायक ने भी की न्याय की मांग
स्थानीय विधायक नेमिराज नाइक भी घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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