नई दिल्ली, पैगम्बर मोहम्मद पर टिप्पणी के मामले में बीजेपी ने भले अपनी प्रवक्ता नूपुर शर्मा को पार्टी से सस्पेंड कर दिया है, लेकिन अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं की गई।
अब इस मामले पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने भी संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर से रिपोर्ट तलब की है और 21 दिनों में जवाब मांगा है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने नूपुर शर्मा के बयान मामले का संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर से रिपोर्ट तलब की है और 21 दिनों में जवाब मांगा है।
आयोग ने अपनी रिपोर्ट में पूछा है कि विवादित बयान के बाद नूपुर शर्मा के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई हुई और आगे पुलिस क्या कदम उठा रही है? आयोग अध्यक्ष ने कहा कि यदि किसी ने अपराध किया, तो गिरफ्तारी होनी चाहिए और सजा भी मिलनी चाहिए।
इससे पहले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी बीजेपी द्वारा की गई कार्रवाई को पर्याप्त नहीं बताया था। मुस्लिम परसनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने भी बयान जारी कर कहा था कि पिछले दिनों देश की सत्ताधारी पार्टी के कुछ कार्यकतार्ओं ने पैगम्बर पर आपत्तिजनक और अशोभनीय टिप्पणी की, इसने देश के सभी मुसलमानों को सख्त तकलीफ पहुंचायी और वैश्विक स्तर पर भी इसके कारण देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
उन्होंने मांग उठाई कि ऐसे कुकृत्य करने वालों को कठोर दंड दिया जाए, उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाए और ऐसा कानून बनाया जाए जो विभिन्न धर्मों के पवित्र व्यक्तित्वों (आस्था के प्रतीकों) के अपमान को निन्दनीय अपराध घोषित करता हो और उस पर तत्काल और उचित कानूनी कार्यवाही हो सके।
टिप्पणी की निंदा करने वाले कुछ मुस्लिम राष्ट्र सऊदी अरब, कतर, बहरैन और कुवैत हैं। दोहा ने भारत सरकार से टिप्पणियों पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। जिसके बाद आननफानन में रविवार को बीजेपी ने पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणियों के लिए पार्टी प्रवक्ता नूपुर शर्मा को निलंबित कर दिया जबकि नवीन कुमार जिंदल को पार्टी से निकाल दिया। बीजेपी ने कहा कि वह सभी धर्मों का सम्मान करती है। नूपुर शर्मा पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता थीं और जिंदल बीजेपी दिल्ली इकाई के प्रवक्ता और मीडिया विभाग के प्रमुख थे।
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