नई दिल्ली: देश में एक तरफ अज़ान और हनुमान चालीसा पर घमासान है, तो वहीं दूसरी तरफ काशी-मथुरा का नारा बुलंद हो रहा है। इन सब के बीच देश में माहौल गर्म है। ज्ञानवापी के साथ-साथ अब ताजमहल, कुतुबमीनार और मथुरा मस्जिद को लेकर भी विवाद जारी है।
वहीं मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद पर कोर्ट ने 19 मई तक फैसला सुरक्षित रख लिया है और अब इसकी सुनवाई 1 जुलाई को होगी।
लखनऊ की रहने वाली रंजना अग्निहोत्री ने कृष्ण जन्मभूमि की 13.37 एकड़ भूमि के स्वामित्व की मांग को लेकर याचिका दायर किया है। इसमें कृष्ण जन्मभूमि में बनी शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की भी मांग की गई है।
शाही ईदगाह मस्जिद मथुरा शहर में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर से सटी हुई है। इस स्थल को हिंदू धर्म में भगवान कृष्ण की जन्मस्थली माना जाता है। जहां भगवान कृष्ण का जन्म हुआ, वहां पहले वह कारागार हुआ करता था कहा जाता है कि मुगल शासन औरंगजेब ने 1669 में श्रीकृष्ण मंदिर की भव्यता से चिढ़कर उसे तुड़वा दिया था और इसके एक हिस्से में ईदगाह का निर्माण कराया गया था।
इसी ईदगाह को हटाने के लिए कोर्ट में वकील विष्णु जैन और रंजना अग्निहोत्री ने कोर्ट में केस दाखिल किया है।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने के लिए मथुरा कोर्ट में याचिका दायर की गई है। यह पूजा स्थल अधिनियम 1991 का उल्लंघन है। उन्होंने आगे कहा कि आप कानून व्यवस्था का मजाक बना रहे हैं और देश के मुसलमानों को दबा रहें हैं।
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