नई दिल्ली, यूपी के पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। वक्फ बोर्ड की संपत्ति गलत तरीके से अपनी यूनिवर्सिटी को ट्रांसफर कराने के मामले में कोर्ट ने आजम खान को जमानत दे दी है।
यह फैसला जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की सिंगल बेंच ने सुनाया है। लेकिन दुख की बात यह है कि वह अभी जमानत मिलने के बावजूद जेल से रिहा नहीं हो सकेंगे। हाल ही में खबर आई थी आजम खान जेल से बाहर आ सकते है।
लेकिन उनपर योगी सरकार ने एक और नया मुकदमा दर्ज करा दिया है, जिसकी वजह से उन्हें जेल में ही रहने होगा। इस बार आजम खान पर फर्जी डॉक्यूमेंट के सहारे 3 स्कूलों की मान्यता कराने के मामले में आजम 3 दिन पहले रामपुर में केस दर्ज हुआ।
इस मुकदमे के वारंट को सीतापुर जेल में शामिल भी कराया जा चुका है। बता दे कि आजम खान के खिलाफ अब तक 88 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें से 86 मुकदमे में उन्हें अलग-अलग अदालतों से पहले ही जमानत मिल चुकी थी।
आज के मामले को मिलाकर 87 मामलों में आजम खान की जमानत हो चुकी है। जेल में रहते हुए यूपी के रामपुर से विधायक चुने गए आजम खान फरवरी 2020 से जेल में बंद है। पिछले दिनों आजम खान की जमानत पर इलाहाबाद हाई कोर्ट में 5 महीने से आदेश लंबित होने पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की थी।
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