नई दिल्ली, (रुखसार अहमद) जहांगीरपुरी मामले में रोहिणी कोर्ट ने बिना इजाज़त हनुमान जयंती पर निकाली शोभा यात्रा पर रोक ना लगाने पर दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई है। 16 अप्रैल को हनुमान जयंती पर यात्रा निकाली गई थी, जिसमें हिंसा हुई और मस्जिदों पर हमले हुए।
इस मामले में अब कोर्ट दिल्ली पुलिस के लिए सख्त होता दिखा। कोर्ट ने कहा पहली नजर में यह दिल्ली पुलिस की विफलता को दर्शाता है। सवाल यह उठाता है कि जब अदालत पुलिस की विफलता मान रही तो यह भी मानिए कि एक तरफा मुस्लिमों पर कार्रवाई हुई है।
लेकिन कोर्ट ने अभी दिल्ली पुलिस को यह कहते हुए फटकार लगाई की यात्रा पर रोक क्यों नहीं लगाई गई। अदालत ने कहा कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
पुलिस ने कहा है कि कमिश्नर इस मामले की जांच करें। रोहिणी कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मुद्दे को दरकिनार कर दिया है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि संबंधित अधिकारियों की ओर से जिम्मेदारी तय की जाए ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो और पुलिस अवैध गतिविधियों को रोकने में नाकामयाब न हो।
वहीं अदालत ने 8 लोगों की जमानत याचिका खारिज कर दी। रोहिणी कोर्ट में इम्तियाज, नूरल आलम, शेख हामिद, अहमद अली, शेख हामिद, शेख जाकिर, अहिर और एसके शहादा की जमानत याचिका दायर की गई थी।
बता दें कि दिल्ली पुलिस ने जहांगीरपुरी हिंसा में अब तक 36 लोगों को गिरफ़्तार कर चुकी है। जिसमे 30 से अधिक मुस्लिम है और 2,3 हिन्दू युवकों को गिरफ़्तार किया गया है। इन 36 मे 3 नाबालिग है। यहां तक कि पुलिस ने अभी तक हथियार लेकर चलने वाले युवकों के विरुद्ध भी कोई FIR दर्ज नही की है।
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