नई दिल्ली, मध्य प्रदेश के खरगोन में हुई के दौरान कई मुसलमानों पर पुलिस ने गलत तरीके से FIR की है। इस हिंसा में मुसलमानों के घर तोड़े गए और उनपर अब झूठी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई। दरअसल सेंधवा की तर्ज़ पर खरगोन फर्जी FIR दर्ज की गई है।
संजय नगर के रहने वाले फ़रीद खान पिता सुभान 9/4/22 से 11/4/22 तक हॉस्पिटल में एडमिट थे लेकिन उनके नाम पर 2 FIR दर्ज़ की गई है, इसी कॉलोनी के आज़म पिता नवाब जिनकी दुकान जला दी गई 8/4/12 से कर्नाटक के जीवर्गी में इन पर झूठी FIR दर्ज की गई है।
दरअसल वह बेकरी का समान पहुंचाने गए थे, वहां से लौटते हुए वो इंदौर आए और 14 को खरगौन वापिस लौटे, इसी बीच उन्होंने खुद को लगातार गाड़ी चलाने की वजह से हुई बीमारी के डॉक्टर को भी दिखाया जिसके हिसाब से वो 9/4/22 को कर्नाटक में थे, लेकिन उनके ख़िलाफ़ भी FIR दर्ज की गई।
बेकरी का समान पहुंचाने गए थे,वहां से लौटते हुए वो इंदौर आए और 14 को खरगौन वापिस लौटे,इसी बीच उन्होंने खुद को लगातार गाड़ी चलाने की वजह से हुई बीमारी के डॉक्टर को भी दिखाया जिसके हिसाब से वो 9/4/22 को कर्नाटक में थे,लेकिन उनके ख़िलाफ़ भी FIR दर्ज की
रिपोर्ट- @KashifKakvi
शर्म करो pic.twitter.com/EG1P6xRL7c— Zakir Ali Tyagi (@ZakirAliTyagi) April 16, 2022
बता दें कि रामनवमी के दौरान पहले तो धार्मिक रैली निकाली गई, उसके बाद मुस्लिम मोहल्ले में जाकर मस्जिद के सामने जय श्री राम के नारे लगाए गए थे। जिसके बाद हिंसा फैल गई।लेकिन पुलिस ने इस मामले में हिंदू संगठन पर कार्रवाई ना करके बल्कि मुसलमानों के घरो पर बुलडोजर चालया और जेल में डाला गया।
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