नई दिल्ली : कर्नाटक में मुसलमानों को लगातार परेशान किया जा रहा है। हिजाब विवाद के बाद ऐसे कई मामले सामने आए है। हाल ही हिंदूओं ने एक मेले में मुसलमानों को दुकान नहीं लगने दी थी, वही हलाल मीट को लेकर विवाद खड़ा कर दिया था। अब मुस्लिम कैब, टूर और ट्रैवल ऑपरेटरों की सेवाएं ना लेने की अपील की जा रही है।
कुछ हिंदू संगठन के लोगों ने घर-घर जाकर लोगों ने इस बात की अपील की कोई भी हिंदू मुस्लिम कैब टूर और ट्रैवल ऑपरेटरों की सेवाएं नहीं लेगा। हिंदू संगठन ने बेंगलुरु सहित कर्नाटक के कई हिस्सों में घरों का दौरा किया, लोगों से मुस्लिम कैब ड्राइवरों की सेवाओं का उपयोग नहीं करने के लिए कहा, खासकर हिंदू मंदिरों या तीर्थ यात्रा पर जाने के लिए।
भारत रक्षणा वेदिके के प्रमुख भरत शेट्टी ने इस संबंध में पूछे जाने पर मीडिया से कहा, ‘जब हम मंदिरों या धार्मिक स्थलों में जाते हैं, तो मांसाहार नहीं करते। किसी ऐसे व्यक्ति को ले जाना जो हमारे देवताओं में विश्वास नहीं करता है या हमें अपने भोजन विकल्पों से अशुद्ध करता है, हमारी संस्कृति और धर्म का अनादर होगा।
वे हमें काफिर (गैर-आस्तिक) कहते हैं और जिस तरह उनका धर्म उनके लिए महत्वपूर्ण है, हमारा धर्म हमारे लिए है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में हिजाब, हलाल मांस और मस्जिदों में अजान जैसे मुद्दों को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है। इससे पता चलता है देश में मुसलमानों के लिए कितना जहर घोला जा रहा है।
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