नई दिल्ली : गुजरात के शिक्षा मंत्री ने सरकारी स्कूलों में भगवत गीता को शामिल करने का फैसला लिया है। जून 2022 से भगवत गीता के मूल्यों और सिद्धांतों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। गुरुवार को राज्य विधानसभा में बोलते हुए मंत्री वघानी ने कहा कि स्कूली छात्रों को “गीता और उसके श्लोकों की समझ होनी चाहिए।
लेकिन सवाल यह उठता है कि स्कूलों में धर्मिक चीजो का हवला देते हुए हिजाब को बैन कर दिया गया है, तो वहीं हिंदूओं की धर्मिक किताब भगवत गीता को शिक्षा नीति में शामिल करना क्या सही है।
जीआर के अनुसार, “पहले चरण में भगवत गीता के मूल्यों और सिद्धांतों को राज्य के सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक इस तरह से शामिल किया जाएगा कि वे समझने के साथ-साथ इनके लिए रुचि पैदा कर सकें।
गुजरात के स्कूलों में सिलेबस में भगवत गीता रखने के लिए इस नए विचार के बारे में अधिक बता करते हुए वघानी ने कहा कि भगवत गीता के पाठ को प्रार्थना कार्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि नई अध्ययन सामग्री की शुरूआत के साथ कदम आगे बढाया जाएगा। यह संभावना है कि पाठ्य पुस्तकों को या तो नया रूप दिया जाएगा या नई किताबों को पेश किया जाएगा जो पूरी तरह से भगवत गीता से जानकारी प्राप्त करने पर केंद्रिति होंगी।
Support Independent Media
Click Here and Join the Membership of Millat Times to Support Independent Media.
Support Millat Times