नई दिल्ली, कर्नाटक हाई कोर्ट ने शिक्षण संस्थानों में हिजाब पहनने को लेकर फैसला सुना दिया है। इस मामले में कोर्ट ने छात्राओं की याचिका ख़ारिज कर दी है। अदालत ने साथ ही कहा है कि इस्लाम धर्म में हिजाब पहनना एक अनिवार्य प्रथा नहीं है।
अदालत ने साथ ही अपने फ़ैसले में कहा कि शिक्षण संस्थानों में यूनिफ़ॉर्म की व्यवस्था क़ानूनी तौर पर जायज़ है और इससे संविधान में दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार या निजता की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन नहीं होता है।
दरअसल कर्नाटक में उडुपी ज़िले के दो सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों की नौ छात्राओं ने हिजाब पहनने से रोके जाने पर हाई कोर्ट का रुख़ किया था। इन छात्राओं का कहना था कि हिजाब पहनना उनका संवैधानिक अधिकार है।
कॉलेज प्रशासन और छात्राओं के बीच मतभेद का ये मामला कर्नाटक हाई कोर्ट तक पहुँचा जहां तीन जजों की एक बेंच ने इस मामले पर दोनों पक्षों की दलीलों पर सुनवाई की। बता दे कि मुख्य न्यायाधीश ऋतु राज अवस्थी की अध्यक्षता वाली इस पीठ ने 25 फ़रवरी को सुनवाई पूरी करने के बाद फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था। बेंच के दो अन्य सदस्य जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित और जस्टिस जेएम काजी थे।
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