नई दिल्ली : देश में एक तरफ जहां हिजाब को लेकर विवाद जारी है, तो वहीं लिंचिंग जैसी घटनाएं भी बढ़ती जा रही है। ताजा मामला पीएम मोदी के गुजरात का है।
जहां एक 35 साल के मोहम्मद अताउल्लाह को कुछ हिंदू संगठन की भीड़ ने बेरहमी से पिटाई की। इतना ही नहीं उसे जबरन ‘जय श्री राम’ कहने के लिए मजबूर किया। यह घटना उसके साथ तब हुई जब वह अपने काम से घर लौट रहा था।
बता दें कि लगभग 9 लोगों के एक समूह ने अताउल्लाह की कार पर पथराव किया, उसकी पिटाई की और उसे जबरन ‘जय श्री राम’ कहने के लिए मजबूर किया गया। इस घटना के बाद अताउल्लाह ने गोदरा के ए डिवीजन पुलिस स्टेशन में हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। हालांकि अब अताउल्लाह के खिलाफ जवाबी प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिसपर अताउल्लाह ने कहा कि, ‘मैं पीड़ित हूं और वे मुझे अब अपराधी के रूप में पेश कर रहे हैं। मैं अपने शरीर को हिला नहीं सकता और इस हालत में, वे मुझे गिरफ्तार करने आए हैं।’
मोटरसाइकिल मरम्मत की दुकान चलाने वाले अताउल्लाह ने एक इंडिपेंडेंट जर्नलिस्ट से बात करते हुए कहा कि जब वह काम से घर लौट रहे थे तो हिंदुत्व के हमलावरों ने उनकी कार को रोक लिया। ‘मेरी कार के ठीक पीछे एक कार आकर रुकी थी। 3-4 लोग बाहर आए और मुझे पीटना शुरू कर दिया। अताउल्लाह ने आरोप लगाते हुए बताया कि, उनके सिर पर वार किया गया और चेहरे पर मुक्का मारा गया। ‘उन्होंने मेरी दाढ़ी खींच ली। उन्होंने मुझे गालियां दीं और मुझे आतंकवादी कहा।’
अताउल्लाह ने यह भी कहा कि उन्हें ‘जय श्री राम’ का जाप करने के लिए मजबूर किया गया था। ‘जब मैंने मना किया, तो उनमें से एक कार के पास गया, एक रिवॉल्वर लिया और मुझपर रिवॉल्वर की बट से हमला किया। फिर उसने मेरे सिर पर रिवॉल्वर तान दी और मुझे धमकी दी कि अगर मैं ‘जय श्री राम’ नहीं कहूंगा, तो वह मुझे मार डालेगा।
वह चिल्लाया कि मुझे यहां (भारत में) रहने का अधिकार नहीं है और मैं यहां खाता हूं और यहां रहता हूं और ‘जय श्री राम’ का जाप नहीं करता।’ हेट क्राइम सर्वाइवर गोधरा के सरकारी सिविल अस्पताल में तीन दिनों से भर्ती है। उसके सिर और दाहिने पैर में एक और चोट है जिसे पट्टी कर दिया गया है।
अताउल्लाह कहते हैं, ‘मैं तीन दिनों से अस्पताल में पड़ा हूँ। उन्होंने हम पर केस वापस लेने का दबाव बनाया। हमने नहीं किया। इसकी शिकायत हमने एसपी व थाने में की। अब उन्होंने मेरे खिलाफ एक काउंटर-एफआईआर दर्ज की है।’ अस्पताल में अताउल्लाह का इलाज करने वाले डॉक्टर से संपर्क किया गया लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
बता दें कि अताउल्लाह के चचेरे भाई 40 वर्षीय मोहम्मद इलियास ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। ‘मुझे डर है कि उन्हें जल्द ही छोड़ दिया जाएगा। उनमें से एक स्थानीय भाजपा नेता का भतीजा है।’ भाजपा नेता और हमलावरों के नाम के बारे में पूछे जाने पर इलियास ने हमलावरों के सहयोगियों और परिवार से नुकसान के डर से जवाब देने से इनकार कर दिया।
अताउल्लाह के परिवार ने आरोप लगाया कि उन्हें प्राथमिकी की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है। परिवार ने यह भी कहा कि पुलिस ने उल्टा उन पर सांप्रदायिक टिप्पणी की। मोहम्मद इलियास ने बताया कि, ‘पुलिस उपाधीक्षक, खटाना, अस्पताल आए। उन्होंने हम पर सांप्रदायिक गालियां दीं। उसने हमें ‘मुल्ले’ कहा और हमें गालियां दीं। हमने एसपी (पुलिस अधीक्षक) को फोन किया और उसे इस बारे में बताया।’
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