नई दिल्ली, दिल्ली के प्रीत विहार से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां सिगरेट के पैकेट चोरी के आरोप में नवंबर से तिहाड़ जेल में बंद ज़ीशान की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। पुलिस ने मौत का कारण बीमारी बताया लेकिन परिजनों का आरोप है कि उसको पीटा गया जिससे उसकी मौत हुई है।
ज़ीशान के शरीर पर चोट के निशान और कई हड्डियां टूटी हुई मिली है। इससे साफ पता चलता है जीशान को पुलिस हिरासत में बूरी तरह पीटा गया है। जिसके कारण उसकी मौत हुई है। जीशान की उम्र सिर्फ 18 साल की थी, वह दिल्ली के प्रीत विहार का रहने वाला था। वह एक मरम्मत का काम करता था, और झुग्गियों में रहता था।
20 नवंबर, 2021 को कथित तौर पर सिगरेट का पैकेट चोरी करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। तब से ही जीशान तिहाड़ जेल में बंद था। हालांकि, परिवार ने कहा कि उन्हें प्राथमिकी की एक प्रति या तिहाड़ जेल में स्थानांतरण के कागजात उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
वहीं इस मामले में पुलिस ने दावा किया है कि जीशान की मौत बीमारी के कारण हुई, वहीं परिवार ने हिरासत में हत्या का आरोप लगाया है और सबूत के तौर पर चोट के निशान और हड्डियों के टूटने का हवाला दिया है।
बता दें कि जीशान के परिवार में उनके पिता (45), मां (41), दो भाई और तीन बहनें हैं जो अब उनकी मौत की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग कर रहे हैं। जीशान के दो भाई-बहन विकलांग हैं। 17 फरवरी को जीशान मलिक की कॉलोनी के 100 से अधिक निवासियों द्वारा न्याय की मांग के विरोध के बाद, पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे उनके परिवार के साथ “सहयोग” करेंगे।
प्रीत विहार पुलिस स्टेशन के एसएचओ हीरा लाल द्वारा हस्ताक्षरित एक पत्र (बिना लेटरहेड के एक कागज पर लिखा गया) में कहा गया है कि शव और पोस्टमार्टम से संबंधित दस्तावेज परिवार को सौंप दिए जाएंगे, हालांकि, परिवार ने आरोप लगाया है कि नहीं अभी तक उन्हें पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सौंप दी गई है।
17 फरवरी को मग़रिब (सूर्यास्त के बाद) की नमाज़ के बाद ज़ीशान को खुरेजी कब्रिस्तान (कब्रिस्तान) में दफनाया गया था। हिरासत में हुई मौतों के बाद पुलिस अधिकारी अक्सर सजा से बच जाते हैं और पीड़ित के परिवार को शायद ही कभी वित्तीय मुआवजा दिया जाता है।
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