नई दिल्ली, दिल्ली में बढ़ती भीषण ठंड के कारण कम से कम 172 बेघर लोगों की मौत हो गई है। इस बात का खुलासा एक रिपोर्ट में है। इससे सबित होता है की दिल्ली सरकार के आकाड़े झूठे है। एक गैर सरकारी संगठन, सेंटर फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट (सीएचडी) द्वारा संकलित एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है।
सीएचडी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जो दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) के अध्यक्ष भी हैं, उन्हें एक पत्र लिखा है, जिसमें अनुरोध किया गया है कि सर्दियों के दौरान बेघर लोगों के लिए उचित व्यवस्था की जानी चाहिए। सीएचडी के एक अधिकारी के मुताबिक सराय काले खां, आसफ अली रोड, कश्मीरी गेट, आजादपुर, निजामुद्दीन, ओखला, चांदनी चौक और दिल्ली गेट जैसी जगहों पर बेघर लोग बड़ी संख्या में खुले में सोते हैं।
25 जनवरी को एनजीओ ने दावा किया था कि दिल्ली में अत्यधिक ठंड के कारण कम से कम 106 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से ज्यादातर बेघर थे। हालांकि, डीयूएसआईबी ने रिपोर्ट का यह कहते हुए खंडन किया है कि बोर्ड शहर में बेघर लोगों की बहुत अच्छी देखभाल करता है। इस जनवरी में, दिल्ली में पश्चिमी विक्षोभ के कारण अत्यधिक ठंड का मौसम देखा गया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली में मंगलवार को 9 साल में जनवरी में सबसे ठंडा दिन देखा गया, जहां अधिकतम तापमान सामान्य से 10 डिग्री नीचे गिरकर 12.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी तरह, राष्ट्रीय राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में इस महीने अच्छी खासी बारिश हुई।
दिल्ली में इस साल जनवरी में 88.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो अब तक का रिकॉर्ड है। साल के पहले महीने में राजधानी शहर में 88.2 मिमी बारिश होने के बाद शहर में 122 वर्षों में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई।
रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने ट्वीट किया कि एक बार फिर केजरीवाल सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के बेघर लोगों को बेसहारा कर दिया।
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