नई दिल्ली, यूपी के गोविंदपुर में 4 जनवरी को रोजगार के लिए प्रदर्शन करने वाले तकरीबन 600 छात्रों के खिलाफ केस दर्ज का मामला सामने आया है। कई कोचिंग संस्थानों के संचालकों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। छात्रों के खिलाफ बलवा और महामारी एक्ट के साथ-साथ 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट जैसी धाराएं भी लगाई गई हैं।
4 जनवरी को गोविंदपुर में बड़ी संख्या में छात्रों ने रोजगार न मिलने पर थाली बजाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया था। छात्रों का हुजूम इतना बड़ा था कि पुलिस को प्रदर्शन खत्म कराने में करीब ढाई घंटे लग गए थे।
इस मामले की जांच के बाद शिवकुटी थाने के दरोगा अश्विनी कुमार ने आधा दर्जन से अधिक कोचिंग संस्थानों के संचालकों और करीब 600 छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
रिपोर्ट के मुताबिक छात्रों को कोचिंग संचालकों ने ही उकसाया था, जिसके बाद उन्होंने प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। वे अपने हाथों में भय फैलाने के लिए डंडे लिए थे। प्रदर्शन से क्षेत्र में दहशत फैल गई और दुकानें बंद करा दी गईं थी। छात्रों के प्रदर्शन से इलाके में कई जगह जाम लग गया था।
कोरोना गाइडलाइन का भी उल्लंघन किया गया। छात्रों ने न सिर्फ गोविंदपुर बल्कि शिवकुटी इलाके के विभिन्न इलाकों में प्रदर्शन किया।
छात्रों पर लगाई गईं गंभीर धाराएं
- 143-गैरकानूनी भीड़ इकट्ठा करना।
- 149-जनसमूह द्वारा जानबूझकर अपराध करना।
- 188-सरकार के बनाए नियमों को तोड़ना।
- 341-किसी व्यक्ति या व्यक्तियों को गलत तरीके से रोकना।
- 283-सड़क मार्ग को बाधित या क्षति पहुंचाना।
- 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट-किसी पंथ या समाज पर हमला करना।दस से अधिक व्यक्तियों को बुलाकर अपराध के लिए उकसाया जाना।
- महामारी अधिनियम-महामारी रोकने के लिए सरकार द्वारा बनाए गएनियमों का उल्लंघन करना।
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