नई दिल्ली: (रुखसार अहमद) जम्मू और कश्मीर के चर्चित हैदरपोरा एनकाउंटर मामले में SIT ने सुरक्षा बलों को क्लीन चिट दे दी है। एसआईटी ने कहा है कि एक आम नागरिक को विदेशी आतंकवादी ने मारा जबकि जिस घर में एनकाउंटर हुआ था उस घर के मालिक को एक स्थानीय आतंकवादी ने क्रॉसफायर के दौरान गोली मार दी।
एसआईटी ने कहा कि घर में छिपे आतंकवादी ने उनका इस्तेमाल मानव ढाल के तौर पर किया था। जम्मू और कश्मीर पुलिस की एक विशेष जांच टीम इस एनकाउंटर की जांच कर रही थी।
दरअसल 15 नवंबर को श्रीनगर के हैदरपोरा में हुए इस एनकाउंटर में एक पाकिस्तानी आतंकवादी और तीन अन्य लोगों की मौत हुई थी। पुलिस ने दावा किया था कि मारे गए सभी लोगों का ताल्लुक आतंकवाद से था। मारे गए लोगों में से तीन लोगों के घरवालों ने इस बात का दावा किया था कि ये सभी निर्दोष थे और फर्जी मुठभेड़ की गई।
जिसका एक वीडियो भी वायरल हुआ था। इसके बाद घाटी में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस इस मामले की जांच कराने के लिए तैयार हुई थी। वहीं इस मामले में सुरक्षाबल के लोगों पर आरोप लग था कि उन्होंने मरने वालों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किया था।
मोहम्मद अल्ताफ भट ओल्ड बरजुला इलाके के रहने वाले थे और घटना स्थल के पास एक हार्डवेयर की दुकान चलाते थे। वहीं मारे गए मुदस्सर गुल डॉक्टर थे। लेकिन सुरक्षाबल ने उन्हें आतंकवादी बताकर मारा डाला था।
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