बिहार के प्रारंभिक विद्यालयों (Primary Schools) में एक लाख शिक्षकों की रिक्तियों के विरुद्ध नियोजन शिड्यूल को चौथी बार बदला गया है। इसके बारे में शिक्षा विभाग (Education Department) का तर्क है कि कई जिलों में रोस्टर क्लियर होने में देरी की वजह से शिड्यूल में संशोधन किया गया है।
अब शिक्षक नियोजन प्रक्रिया जनवरी की जगह मार्च में खत्म होगी और इसके बाद ही प्राथमिक विद्यालयों में टीईटी और सी-टेट अभ्यर्थी शिक्षक पद पर ज्वाइन कर पाएंगे। आपको बता दें कि राज्य में प्राथमिकक विद्यालयों में शिक्षकों के खाली पदों को भरे जाने के लिए शिक्षक नियोजन प्रक्रिया चल रही है।
शुक्रवार को शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षक नियोजन के संशोधित शिड्यूल की अधिसूचना जारी कर दी गई। अधिसूचना के मुताबिक सभी शिक्षक नियोजन इकाईयों में अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र जमा करने का अंतिम दिन शनिवार (23 नवम्बर) तक है।
नियोजन की अन्य प्रक्रिया की तिथियों में बदलाव किया गया है। चयनित अभ्यर्थियों को अब नियुक्ति पत्र 31 मार्च तक दिया जाएगा। जबकि पहले शिड्यूल के तहत 16 से 20 जनवरी तक चयनित अभ्यर्थियों को नियोजन पत्र दिया जाना था।
शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार सभी नियोजन इकाई को 5 तक मेधा सूची की तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया है। जबकि 11 दिसम्बर तक मेधा सूची का नियोजन इकाई द्वारा अनुमोदन और 16 दिसम्बर तक मेधा सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
2 से 17 जनवरी तक मेधा सूची पर आपत्ति ली जाएगी, जबकि 21 जनवरी तक आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा। सभी नियोजन इकाई द्वारा 25 जनवरी तक मेधा सूची का अंतिम प्रकाशन करना अनिवार्य है। 24 फरवरी तक जिला द्वारा पंचायत एवं प्रखंड की मेधा सूची का अनुमोदन होगा।
इसके बाद 29 फरवरी तक नियोजन इकाई द्वारा मेधा सूची का सार्वजनीकरण किया जाएगा। 5 मार्च तक अनुमोदित मेधा सूची एवं आरक्षण रोस्टर पंजी के अनुरूप उपलब्ध रिक्ति के तहत चयन सूची को तैयार किया जाएगा। 31 मार्च तक चयनित अभ्यर्थियों के बीच नियुक्ति पत्र बांटा जाएगा।
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