नई दिल्ली. दो राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला है।गठबंधन को 161सीटें मिली हैं। हरियाणा में भाजपा 40 और कांग्रेस 31 सीटों पर जीती। भाजपा निर्दलियों के दम पर सरकार बनाने का दावा कर रही है। जीतने वाले 7 निर्दलियों में 5 भाजपा के बागी हैं और पार्टी का दावा है कि ये वापस लौटेंगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और इस दौरान उन्होंने हरियाणा और महाराष्ट्र की जनता को धन्यवाद दिया। मोदी ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्रियों की टीम की ईमानदारी पर जनता ने भरोसा जताया।]
हरियाणा में भाजपा की सत्ता में वापसी का समीकरण
90 सीटों वाली हरियाणा विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 46 है। भाजपा 40 सीटों के आंकड़े पर है। पार्टी ने निर्दलियों के दम पर सत्ता बनाने का दावा किया है। 7 निर्दलियों में से 5 भाजपा के बागी हैं और पार्टी का दावा है कि ये सभी वापस आ रहे हैं। इसके अलावा हरियाणा लोकहित पार्टी के गोपाल कांडा ने भाजपा को समर्थन देने का ऐलान किया है। इस बीच, भाजपा सांसद सुनीता दुग्गल दो विधायकों को लेकर दिल्ली रवाना हुईं। इनमें गोपाल कांडा के अलावा हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री देवीलाल के बेटे रणवीर सिंह भी शामिल हैं। रणवीर कांग्रेस में थे, टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव में उतरे और जीत हासिल की।
मोदी ने कहा- दिवाली से पहले जनता को बधाई
दिल्ली मुख्यालय में मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा- दिवाली का आरंभ होने से पूर्व ही मैं महाराष्ट्र और हरियाण की जनता का धन्यवाद करता हूं, क्योंकि उन्होंने भाजपा के प्रति विश्वास जताया और आशीर्वाद दिए।
शाह ने कहा- महाराष्ट्र में भाजपा-सेना गठबंधन पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बना रहा है। हरियाणा में हम सबसे बड़ा दल बनकर उभरे। हरियाणा और महाराष्ट्र में कभी हम मुख्यमंत्री नहीं बना पाए थे। 2014 में देश की जनता ने परिवर्तन किया। मोदीजी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत देकर चुनाव जिताया। दोनों जगह भाजपा की सरकार बनी। 5 महीने के भीतर मोदी-2 सरकार ने जिस स्पीड और सटीकता से काम किया, जनता ने उस पर मुहर लगाई।
हरियाणा में पहली बार लड़ी जजपा को 10 सीटें मिलीं
अभय चौटाला की इनेलो से अलग होकर उनके भतीजे दुष्यंत चौटाला ने 10 महीने पहले जननायक जनता पार्टी (जजपा) बनाई। इस विधानसभा चुनाव में उसे 10 सीटें मिली हैं। हालांकि, चौटाला परिवार के 5 सदस्य अलग-अलग पार्टियों से चुनाव लड़े और इनमें से 4 को जीत मिली।
महाराष्ट्र में एम आई एम ने 44 सीटों पर उम्मीदवार खड़ा किया था जहां एम आई एम को 2 सीटों पर कामयाबी मिली वहीं बिहार के किशनगंज से एम आई एम ने जीत का परचम लहराया
महाराष्ट्र में शिवसेना की मांग सत्ता में 50-50 भागीदारी
शिवसेना ने गठबंधन सरकार में बराबर की भागीदारी मांगी है। पार्टी के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि गठबंधन के लिए 50-50 का फॉर्मूला तय हुआ था और हम इससे पीछे नहीं हटेंगे। यह मैं अपने मन से नहीं कह रहा हूं। लोकसभा चुनाव से पहले ही भाजपा के साथ इस पर सहमति बनी थी।
राष्ट्रवाद, धारा 370 की बात करने वाली भाजपा का वोट शेयर घटा
महाराष्ट्र और हरियाणा में चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने धारा 370 खत्म करने, तीन तलाक और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दे उठाए। उधर, यहां कांग्रेस समेत दूसरे विपक्षी दलों ने बेरोजगारी, किसान, भ्रष्टाचार और अर्थव्यवस्था पर मौजूदा भाजपा सरकारों को घेरा। हरियाणा में 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा को 58% वोट हासिल हुए थे, जबकि 5 महीने बाद हुए विधानसभा चुनाव में वोट प्रतिशत 36% हो गया यानी 22% का नुकसान। उधर, महाराष्ट्र में 2014 विधानसभा में गठबंधन के दलों को 47.6% वोट मिले थे। लोकसभा चुनाव में 51% वोट मिले। इस विधानसभा चुनाव में वोट शेयर घटकर 42% रह गया यानी लोकसभा चुनाव से करीब 9% कम।
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