नई दिल्ली : चंडीगढ़ से प्रकाशित होने वाले अंग्रेजी दैनिक “द ट्रिब्यून ” की एक रिपोर्ट के अनुसार सिंघु सीमा पर बेरहमी से तरनतारन के लखबीर सिंह को मार दिया गया था, इस मामले में केंद्र सरकार के साथ घनिष्ठ संबंध होने का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक किसान आंदोलन के चरम पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर समेत कई मंत्रियों और बीजेपी नेताओं ने निहंग संगठन के नेता बाबा अमन सिंह से मुलाकात की. ऐसे में लखबीर हत्याकांड के पीछे किसी गहरी साजिश की आशंका जताई जा रही है.
द ट्रिब्यून के अनुसार, कुछ महीने पहले, जब केंद्र के विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन तेज़ी पर था तब केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने औपचारिक रूप से लखबीर हत्याकांड की जिमेदारी लेने वाले निहंग संगठन के नेता बाबा अमन सिंह को नियुक्त किया था उनको अपने सरकारी आवास पर सम्मानित किया था । दरअसल, निहंग के नेता बाबा अमन सिंह सिंघु सीमा पर किसानों और पर भाजपा के शीर्ष नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के बीच एकतरफा मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था।
दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी के सरकारी बंगले में निहंग जत्थाबंदी नेता बाबा अमन सिंह ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर के साथ लंच भी किया था . लंच में झारखंड भाजपा सांसद सुशील कुमार सिंह, भारत-तिब्बत संघ के राष्ट्रीय महासचिव सौरभ सारस्वत, भाजपा द्वारा नामित राष्ट्रीय किसान नेता और भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव सिख महेंद्र पाल सिंह ग्रेवा, गरमत सिंह पिंकी के साथ मौजूद थे.
द ट्रिब्यून का कहना है कि उसके पास तीन तस्वीरें हैं, जो साबित करती हैं कि निहंग नेता बाबा अमन सिंह के भाजपा नेताओं के साथ घनिष्ठ संबंध हैं। अखबार से बात करते हुए ग्रेवाल ने स्वीकार किया कि जिस बैठक में उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की, उसमें निहंग नेता अमन भी शामिल थे. गौरतलब है कि ग्रेवाल इंडो-तिब्बत एसोसिएशन ऑफ जम्मू एंड कश्मीर की इकाइयों से भी जुड़े हुए हैं।
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