नई दिल्ली (फरहीन सैफी) हिन्दू और हिंदुत्वाद को लेकर अब बड़े पैमाने पर चर्चा शुरू हो गयी है। इस धर्म को मानने वाले लोग भी अब मानने लगे है कि हिंदुत्ववादी और हिन्दू एक अलग चीज़ है। हिंदू का मतलब सचाई, अहिंसा और सलामती है हिंदुत्व का मतलब नफरत, हिंसा और आतंक फेलाना है।
कल राहुल गांधी ने भी कांग्रेस की रैली में इस मुद्दे पर विस्तार से बताया कि हिन्दू क्या है और हिंदुत्वा क्या है। राजिस्थान की राजधानी जयपुर में हुई कांग्रेस की रैली में राहुल गांधी ने भारत को हिंदुओं का देश बताया है और हिंदू बनाम हिंदुत्व की नई परिभाषा भी दी है जिसपर विवाद हो गया है।
वहीं, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओवैसी ने राहुल गांधी के बयान के बाद ट्वीट कर कहा कि राहुल और कांग्रेस हिंदुत्व के लिए ग्राउंड तैयार कर रहे हैं।
हालांकि अब वे बहुसंख्यक वाद की फसल काटना चाहते हैं। हिंदुओं को सत्ता में लाना का कॉंग्रेस का 2021 का सेक्युलर एजेंडा है। भारत केवल हिंदुओं का देश नहीं बल्कि सभी भारतीयों का है।साथ ही भारत सभी धर्मों के लोगों का है और उनका भी जिनका धर्म मे कोई विश्वास नहीं है।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद एक बार फिर से हिंदुत्व पर बहस तेज हो गई है। हालांकि कई संगठन इस बयान को लेकर उनकी आलोचना भी कर रहे हैं। वही राजिस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले में सफाई दी है।
कांग्रेस हमेशा से ही हिंदुत्व के मुद्दे पर बात करती रही है। हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद की किताब पर भी काफी विवाद हुआ था। दरअसल, सलमान खुर्शीद ने अपनी किताब में हिंदुत्व की तुलना आतंकी संगठनों से कर दी थी। इसके बाद हिंदू संगठनों ने उनकी इस किताब पर आपत्ति जताई थी।
यही नहीं कुछ अराजक तत्वों ने उनके घर में पथराव और आगजनी भी कर दी। उनकी इस किताब पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठी थी, लेकिन कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट का कहना है कि जिसे इस किताब से आपत्ति है वो इसे न खरीदे और न पढ़े।
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