मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली(6 अगस्त):मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं के बीच राजस्थान सरकार ने इस रोक लगाने के बड़ा कदम उठाया है। राजस्थान में अब मॉब लिंचिंग करने वालों को आजीवन कैद की सजा तक मिल सकती है। दरअसल सोमवार को अशोक गहलोत सरकार ने राजस्थान विधानसभा में मॉब लिंचिंग की रोकथाम के खिलाफ लाया। यह बिल सोमवार को विधानसभा में ध्वनिमत से पास हो गया। इस कानून के लागू होने सेराजस्थान में अब ऑनर किलिंग पर मौत या पूरे जीवन का कारावास और उन्मादी भीड की हिंसा में किसी व्यक्ति की मौत पर आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हो सकती हैं। ऑनर किलिंग पर विधेयक लाने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य होगा।
इस बिल के तहत मॉब लिंचिंग की घटनाओं में पीड़ित की मौत पर दोषी को कठोर आजीवन कारावास और एक से पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। राजस्थान लिंचिंग से संरक्षण विधेयक 2019 पिछले सप्ताह ही संसदीय कार्यमंत्री शांति कुमारी धारीवाल ने सदन में पेश किया था। बिल पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्यमंत्री शांति कुमारी धारीवाल ने कहा कि भारतीय दंड संहिता और आपराध प्रक्रिया संहिता में मॉब लिंचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त कानून नहीं है जिसके चलते यह बिल लाया गया है।
ऑनर किलिंग के खिलाफ लाए गए राजस्थान सम्मान और परंपरा के नाम पर वैवाहिक संबंधों की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप का प्रतिषेध विधेयक में कड़े प्रावधान किए हैं, प्रेमी जोड़ों को समाज, परिवार या कुटुंब की इज्जत के नाम पर परेशान करने के लिए किया जाने वाला कोई भी जमावड़ा या खाप पंचायत भी गैर कानूनी होगी, ऐसी पंचायत में शामिल होने वालों को 5 साल तक की सजा का प्रावधान होगा। प्रेमी जोड़ों को शादी के बाद परेशान करने पर भी सजा का प्रावधान किया है। मॉब लिचिंग को लेकर नए विधेयक में कड़े प्रावधान किए हैं। दो व्यक्ति भी अगर किसी को मिलकर पीटते हैं तो वह मॉब लिचिंग की श्रेणी में आएगा। मॉब लिचिंग को गैर जमानती और संज्ञेय अपराध बनाया गया है। मॉब लिचिंग में सहयोग करने वालों को भी बराबर सजा मिलेगी। मॉब लिंचिंग में मौत पर दोषियों को आजीवन कठोर कारावास और एक से पांच लाख तक का जुर्माने का प्रावधान किया है। घायल करने पर सात साल तक की सजा का प्रावधान किया है।(इनपुट न्यूज २४)
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