नई दिल्ली: शिक्षा के क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान देने वाले देश के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद जी की जयंती (राष्ट्रीय शिक्षा दिवस) पर सीतामढ़ी जिला युवा कांग्रेस ने लीची बगान भैरोकोठी में तालीम की अहमियत विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया।
वक्ताओं ने शिक्षा के प्रति आमजन को जागरूक कर यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि देश एवं प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
अपने अध्यक्षीय भाषण में जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष मो. शम्स शाहनवाज ने कहा कि मौलाना अबुल कलाम आजाद ने स्वतंत्र भारत के शिक्षा मंत्रालय को अपनी अमूल्य कार्य क्षमता से मजबूत नींव प्रदान की थी। शिक्षा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने देश में उत्कृष्ट संस्थानों की स्थापना की थी।
उन्होंने नि:शुल्क शिक्षा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए अथक प्रयास किए। वह महान स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ-साथ क्रांतिकारी पत्रकार और लेखक भी थे। शम्स ने इस मौके पर बच्चों से जीवन में सफलता हासिल करने के लिए मेहनत से पढ़ाई करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने के लिए ख्वाजा गरीब नवाज मदरसा के प्रिंसिपल मौलाना एजाज़ अहमद को अंगवस्त्र, फूल-माला एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। वहीं, बच्चों के बीच पाठ्य सामग्री एवं चॉकलेट का वितरण किया गया।
मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद कुमार नील, सेराज अहमद अधिवक्ता, नबी जान, मो.अज़हरुल, निज़ामुद्दीन अंसारी, शाह हुसैन, अब्दुल रज़्ज़ाक़ मंसूरी, अब्दुर्रहमान बैठा, मो.तुफ़ैल शेख, मो.मुमताज़, मो.रेयाज़, मो.समीर आदि मुख्य रूप मौजूद थे।
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