नई दिल्ली : (रुखसार अहमद) विश्व प्रसिद्ध इस्लामिक शिक्षक संस्था दारुल उलूम देवबंद ने सऊदी अरब सरकार द्वारा तब्लीगी जमात पर बैन लगाने के फैसले पर कड़ी निंदा की है।
दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि तब्लीगी जमात अपनी स्थापना के पहले दिन से ही मुसलमानों को मस्जिदों से जोडऩे का काम कर रही है और इसका फैलाव लगभग पूरी दुनिया में है। तब्लीगी जमात और इससे जुड़े लोगों पर दहशतगर्दी का इल्जाम बिल्कुल बेबुनियाद है।
दारुल उलूम देवबंद इसकी कड़ी निंदा करता है और सऊदी सरकार से मुतालबा करता है कि वह अपने फैसले पर पुनर्विचार करे और तब्लीगी जमात के खिलाफ इस तरह की मुहिम से बचे। तब्लीगी जमात की स्थापना करीब सो साल पहले दारुल उलूम देवबंद के पूर्व सदर मुदर्रिस शेखुल हिंद हजरत मौलाना महमूद हसन देवबंदी के शार्गिद हजरत मौलाना मोहम्मद इलियास ने की थी।
तबलीगी जमात का मुख्यालय दिल्ली के निजामुद्दीन में स्थित है। इसके पूरी दुनिया में करोड़ो फोलोवर्स हैं। यह जमात मुसलमानों को मस्जिद से जोड़कर दुनिया के बजाए आखिरत की तैयारी करने के लिए प्रेरित करती है।
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