बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल में स्लॉटर हाउस बंद, बीजेपी सरकार का बड़ा फैसला

Millat Times Staff

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14 May 2026 (Publish: 11:57 AM IST)

पश्चिम बंगाल की नई बीजेपी सरकार ने राज्य में पशु वध को लेकर सख्त नियम लागू किए हैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निर्देश पर जारी नोटिस में कहा गया है कि बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के किसी भी गाय, बैल, बछड़े या भैंस का वध नहीं किया जा सकेगा। सरकार ने इसके लिए 1950 के पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम और 2018 के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिया है।

कब मिलेगा फिटनेस सर्टिफिकेट?

फिटनेस सर्टिफिकेट तभी जारी किया जाएगा जब संबंधित अधिकारी यह संतुष्ट हों कि पशु:

  • 14 वर्ष से अधिक उम्र का हो,
  • प्रजनन के योग्य न हो,
  • बूढ़ा, घायल या अपंग हो,
  • या किसी लाइलाज बीमारी से ग्रस्त हो।

यह प्रमाणपत्र नगरपालिका अध्यक्ष, पंचायत समिति प्रमुख और सरकारी पशु चिकित्सक की संयुक्त सहमति से जारी किया जाएगा।

केवल अधिकृत बूचड़खानों में ही वध की अनुमति

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पशुओं का वध केवल नगरपालिका या स्थानीय प्रशासन द्वारा अधिकृत बूचड़खानों में ही किया जा सकेगा। सार्वजनिक स्थानों या गैर-अधिकृत बूचड़खानों में वध की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई व्यक्ति इस कानून का उल्लंघन करता है तो उसे 6 महीने तक की जेल, 1,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा दी जा सकती है। अगर किसी व्यक्ति को फिटनेस सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया जाता है, तो वह 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार के पास अपील कर सकता है।

क्या है 1950 का कानून?

पश्चिम Bengal Animal Slaughter Control Act, 1950 राज्य में पशु वध को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया था। इस कानून के तहत बिना सरकारी प्रमाणपत्र के गाय और अन्य मवेशियों के वध पर रोक है। इसका उद्देश्य पूर्ण प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि नियमन के जरिए पशु वध को नियंत्रित करना है।

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