दिल्ली के एक निजी स्कूल में 3 साल की मासूम के साथ कर्मचारी ललित कुमार ने किया दुष्कर्म, सिर्फ 6 दिनों में कोर्ट से मिली जमानत

Millat Times Staff

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09 May 2026 (Publish: 11:24 AM IST)

दिल्ली के जनकपुरी स्थित एसएस मोटा सिंह स्कूल में तीन साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल के 57 वर्षीय कर्मचारी ललित कुमार ने स्कूल परिसर के भीतर बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न किया।

दूसरे दिन स्कूल गई थी बच्ची

पीड़िता की मां के अनुसार, बच्ची 30 अप्रैल को दाखिले के दूसरे दिन स्कूल गई थी। घर लौटने के बाद उसने दर्द की शिकायत की। जब मां ने कारण पूछा तो बच्ची ने बताया कि स्कूल के एक कर्मचारी ने उसे अलग जगह ले जाकर उसके साथ गलत काम किया।

इसके बाद परिवार ने 1 मई को जनकपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और Protection of Children from Sexual Offences Act (POCSO) के तहत मामला दर्ज किया। बच्ची द्वारा आरोपी की पहचान किए जाने के बाद 57 वर्षीय स्कूल केयरटेकर ललित कुमार को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया।

अदालत से मिली जमानत

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया। हालांकि, 7 मई को द्वारका की एक अदालत ने अभियोजन पक्ष के विरोध के बावजूद आरोपी को जमानत दे दी।

मां ने पुलिस जांच पर उठाए सवाल

पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उनका यह भी कहना है कि बच्ची और परिवार को पूछताछ के दौरान कई घंटों तक थाने में इंतजार कराया गया। मां ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल का एक शिक्षक भी मामले में शामिल हो सकता है।

सीसीटीवी फुटेज की जांच जारी

पुलिस ने बताया कि स्कूल परिसर के सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर जब्त कर लिए गए हैं और मामले की जांच जारी है। साथ ही, बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया और अदालत के समक्ष उसका बयान भी दर्ज किया गया।

सौरभ भारद्वाज ने जमानत पर उठाए सवाल

सौरभ भारद्वाज ने आरोपी को जमानत दिए जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और परिवार को न्याय मिलना चाहिए।

पुलिस का पक्ष

डीसीपी (पश्चिम) ने कहा कि बच्ची की मां की शिकायत मिलते ही तत्काल एफआईआर दर्ज की गई, मेडिकल जांच कराई गई और पहचान के आधार पर आरोपी को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कानून के अनुसार की जा रही है

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