त्रिपुरा हिंसा पर फैक्ट फाइंडिंग के लिए गई टीम के दो सदस्यों अंसार इंदौरी और मुकेश पर लगा UAPA

admin

admin

04 November 2021 (Publish: 10:38 AM IST)

नई दिल्ली: पिछले कई हफ़्तों से त्रिपुरा से आ रही सांप्रदायिक हिंसा की ख़बरों के बीच फैक्ट फाइंडिंग के लिए त्रिपुरा गई कुछ एडवोकेट्स की टीम अचानक से चर्चा में है। हिंसा के कारणों एवं इससे हुई जान माल की हानि का जायजा लेने गई फैक्ट फाइंडिंग टीम खुद मुश्किलों में फंसती हुई दिखाई पड़ रही है।

मामला ये है कि अभी ये टीम अपने दौरे से वापस ही आई थी कि त्रिपुरा पुलिस ने इस टीम के दो सदस्यों अंसार इंदौरी और मुकेश पर UAPA की संगत धाराओं के तहत केस दर्ज करते हुए नोटिस भेजा है।

ज्ञात हो कि  फैक्ट फाइंडिंग टीम जिसमे सर्वोच्च न्यायलय के वकील एहतेशाम हाशमी, lawyers for democracy से सम्बन्ध रखने वाले अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव, अधिवक्ता अंसार इंदौरी तथा मुकेश शामिल थे, ने मंगलवार को People ‘s union for civil liberties (PUCL) कि और से दिल्ली के प्रेस क्लब में त्रिपुरा में हुए मुस्लिम विरोधी दंगों से सम्बंधित एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत किया था।

जिसके बाद त्रिपुरा पुलिस की और से इस टीम के दो सदस्यों मुकेश जो दिल्ली के एक वकील है एवं National Confederation of Human Rights Organisations – NCHRO से सम्बन्ध रखने वाले अधिवक्ता अंसार इंदौरी को नोटिस भेजकर ये सुचना दी कि उनपर UAPA के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही दोनों से नोटिस के माध्यम से अपील की है कि “आप अपने द्वारा सोशल में में दिए गए/फैलाये गए भ्रामक/गलत/ टिप्पणियों/बयानों को तत्काल प्रभाव से डिलीट कर दें। “साथ ही उनको 10 नवम्बर तक पश्चिमी अगरतला पुलिस स्टेशन पहुँचने को कहा गया है।

गौरतलब है कि चर्चा में आई ये फैक्ट फाइंडिंग टीम 30 अक्टूबर से 01 नवम्बर तक के लिए त्रिपुरा के दौरे पर थी।  मंगलवार 2 नवंबर यानि त्रिपुरा से आने के अगले ही दिन इस टीम ने दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में एक रिपोर्ट प्रस्तुत किया जिसमे टीम ने त्रिपुरा में हुई मुस्लिम विरोधी हिंसा की निंदा करते हुए इसपर गहरी चिंता जताई।

इसके अलावा टीम ने त्रिपुरा हिंसा के लिए कट्टर हिन्दू संगठनों को ज़िम्मेदार ठहराया है।  टीम के अनुसार बांग्लादेश में हुए धार्मिक दंगे के खिलाफ हिन्दू संगठनों द्वारा निकाली गई रैली में मौजूद लोगों द्वारा मुस्लिम दुकानों तथा मस्जिदों को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया है तथा पुलिस इसे प्रभावी ढंग से रोक पाने में नाकाम रही है।

वहीँ इस सम्बन्ध में मिल्लत टाइम से बात करते हुए मुकेश ने कहा कि – ”     ”

वही अंसार इंदौरी ने बताया कि – ”   

ज्ञात हो कि फैक्ट फाइंडिंग टीम के दो सदस्यों के खिलाफ ये कदम पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वाले 71 लोगों के खिलाफ पांच आपराधिक मामले दर्ज करने के कुछ घंटों बाद उठाया गया है। पुलिस ने लोगों से फर्जी सूचना फैलाने से बचने के लिए कहा है।

Support Independent Media

Click Here and Join the Membership of Millat Times to Support Independent Media.

Support Millat Times

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top