नई दिल्ली : (रुखसार अहमद) गुड़गांव में जुमे की नमाज के बढ़ते विरोध के बीच एक स्थानीय हिंदू ने नमाज के लिए मुसलमानों को ओल्ड गुड़गांव में पड़ी अपनी एक खाली दुकान दी है। ऐसा करके उन्होंने उन लोगों के मुंह पर तमाचा मारा है, जो जुमे की नामाज के दिन मुसमानों को परेशान कर रहे है और हिंदू मुस्लिम की राजनीति खेल रहे है। अ
क्षय राव पेशे से एक वाइल्ड लाइफ टूर ऑर्गनाइजर हैं। वह ओल्ड गुड़गांव के मकैनिक मार्केट में कई दुकानों के मालिक हैं। राव का कहना है कि उनकी दुकानों के ज्यादातर किरायेदार मुस्लिम हैं और उन्हें जुमे की नमाज पढ़ने के लिए तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अक्षय राव ने उनकी परेशानियों को देखते हुए उन्हें अपनी एक खाली पड़ी दुकान में नमाज पढ़ने को दी है। इस छोटी सी जगह में 15 से 20 लोग नमाज पढ़ सकते हैं।
अक्षय राव का कहना है, ‘मैंने कुछ स्पेशल थोड़े ही किया है। कोई पहली बार मैंने अपनी जमीन को नमाज पढ़ने के लिए थोड़े न दी है। मैं पिछले कुछ सालों से यह करता आया हूं।’
मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक राव गुरुग्राम में ही पले-बढ़े हैं और उन्होंने यहां कभी सांप्रदायिक विवाद नहीं देखा। उन्होंने कहा, ‘नमाज के दौरान बाधा खड़ी करने से जुड़ी न्यूज रिपोर्ट्स को पढ़कर मैं बहुत परेशान हुआ। मेरा उद्देश्य यह है कि अपने मुस्लिम भाइयों को भरोसा दे सकूं कि सिर्फ मुट्ठीभर लोग हैं जो ये सब कर रहे हैं। हम एक साथ शांति से रहते आए हैं और आगे भी अपने सामाजिक सौहार्द को बनाए रखेंगे।’
जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने जुमे की नमाज के लिए किसी निजी जमीन को शामिल नहीं किया है और अभी तक कोई भी शख्स अपनी निजी जमीन पर नमाज की पेशकश लेकर नहीं आया है।
मुस्लिम समूहों ने अक्षय राव की पेशकश का स्वागत किया है लेकिन उनका कहना है कि उन्हें अभी तक औपचारिक तौर पर प्रस्ताव नहीं मिला है। साथ ही उनका कहना है कि निजी जगह कोई समाधान नहीं हैं क्योंकि अतीत में हम देख चुके हैं कि पड़ोसी आपत्ति जताने लगते हैं।
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