गांव,गरीब व किसानों के हितों के लिये दृढसंकल्पित सरकार:सांसद जोशी

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17 July 2019 (Publish: 04:13 PM IST)

प्रेस रिलीज़,नई दिल्ली/चित्तौड़गढ 16 जुलाई,2019 :चित्तौडगढ़ सांसद सी.पी.जोशी ने लोकसभा में बजट वर्ष 2019-20 के ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की अनुदान की मांग पर चर्चा में भाग लिया।
सांसद जोशी ने लोकसभा में बजट का सर्मथन करते हुये उसे गांव, गरीब व किसानों को समर्पित बताते हुये कहा की मोदी सरकार ने ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ की मूल भावना कार्य करते हुये सर्वागीण विकास का कार्य कर रही है। हमारा देश एक कृषि प्रधान देश है। किसान तथा ग्रामीण संस्कृति एक दुसरे की पुरक हैं इन्हे अलग नही किया जा सकता है।

इसके साथ ग्रामीण जीवन तथा संस्कृति व मेल जोल को दर्शाया। सांसद जोशी ने किसानों के लिये चलाई जा रही योजनाओं का विस्तार से वर्णन करते हुये कहा की सरकार ने ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषि ऋण व किसान क्रेडिट कार्ड, न्यूनतम सर्मथन मुल्य में बढौतरी, मृदा स्वास्थ कार्ड, जैविक खेती, राष्ट्रीय आपदा कोष, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, कृषि विज्ञान केन्द्र, नीम कॉटेड यूरिया, किसान टी.वी., किसानों व श्रमिकों को पेंशन हेतु प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना आदि योजनाओं से किसानों की स्थिति में बहुत सुधार आया है।

इस सरकार के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के लिये विशेषकर योजनाऐं चलाई गयी। पहली बार 2014 के बाद गांवों के सशक्तिकरण के लिये योजनाऐं बनी व उन योजनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में क्रान्तिकारी बदलाव आये ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, उज्जवला योजना, दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, मुद्रा योजना, जन धन योजना, स्वच्छ भारत मिशन आदि को भी एक उदाहरण के माध्यम से बताया की सभी योजनाओं का पुरा का पुरा लाभ ग्रामीण क्षेत्र के उन्नयन में हुआ है।
इसके साथ ही सांसद जोशी ने राजस्थान सरकार के द्वारा किसानों के साथ किये गये जुठे वादे को लेकर कांग्रेस को भी आडे हाथों लिया की प्रदेश का स्वाभीमानि किसान आज भी अपने हक का इन्तजार कर रहा है।

चित्तौडगढ में कृषि विज्ञान केन्द्र को खोलनें के लिये सांसद जोशी ने सदन के माध्यम से आग्रह किया एवं वर्तमान में अफीम किसानों की मार्फीन की मात्रा को लेकर हो रही परेशानी के लिये भी सदन के माध्यम से आग्रह किया की या तो मार्फीन की मात्रा के मानक को कम किया जाये या लाईसेंस की पात्रता को औसत के आधार पर निर्धारित किया जाये।

साथ में मनरेगा के जोब कार्ड को पुरे देश में कही भी कार्य कर सके इस प्रकार का बनाने व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत हैल्पलाईन नम्बर के अलावा कृषि विभाग के द्वारा भी किसानों की शिकायत को नोट करने जैसे सुझावों को लाघु करने के लिये सरकार से आग्रह किया।

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